Shani Nakshatra Parivartan: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि को सबसे शक्तिशाली और निर्णायक ग्रह माना गया है। यह ग्रह न केवल हमारे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं बल्कि जीवन की दिशा भी बदल सकता है। शनि की गति मंद है पर इसका प्रभाव तीव्र और दीर्घकालिक होता है। हर ढाई वर्ष में शनि जब राशि बदलते हैं या नक्षत्र में गोचर करते हैं तो उसका असर सीधे बारह राशियों की भावनाओं और भाग्य पर पड़ता है।
Shani Dev Nakshatra Parivartan: अक्षय तृतीया से पहले शनि का नक्षत्र परिवर्तन, सावधान रहें ये 4 राशियां
Shani in UttaraBhadraprad Nakshatra: 28 अप्रैल 2025 को शनि देव उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे जो कि स्वयं उनका स्वामित्व वाला नक्षत्र है। जब कोई ग्रह अपने ही नक्षत्र में प्रवेश करता है तो उसकी ऊर्जा और प्रभाव अत्यधिक प्रबल हो जाते हैं।
कर्क राशि
शनि का यह नक्षत्र गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से सतर्कता का संकेत दे रहा है। मानसिक स्तर पर असमंजस और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। परिजनों या नजदीकी मित्रों से अनबन की संभावना है। कार्यक्षेत्र में शत्रु गुप्त रूप से सक्रिय रह सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी भी कागज या प्रस्ताव पर बिना पूर्ण जांच के हस्ताक्षर करने से बचें। बड़े निवेश या लोन लेने की योजना फिलहाल टालना ही बेहतर रहेगा। आंख मूंदकर किसी पर भरोसा करना भविष्य में धोखा दे सकता है। स्वास्थ्य में भी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को संतान से संबंधित मामलों में तनाव हो सकता है। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं या सरकारी सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए एकाग्रता बनाए रखना कठिन होगा। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में बाधाएं आएंगी और वरिष्ठों से टकराव की स्थिति बनने की संभावना भी है। इस दौरान आर्थिक हानि के भी योग हैं। कोई भी निवेश सोच-समझकर ही करें और किसी भी प्रकार के जोखिम भरे निर्णयों से फिलहाल दूरी बनाए रखें।
वृश्चिक राशि
शनि के इस नक्षत्र गोचर का असर वृश्चिक राशि के जातकों की पारिवारिक स्थिति पर पड़ सकता है। घरेलू वातावरण में तनाव पनप सकता है और किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य चिंता का कारण बन सकता है। इस समय आपको मानसिक रूप से अकेलेपन का अनुभव हो सकता है जिससे चिड़चिड़ापन और क्रोध की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। अगर इस गुस्से को नियंत्रण में न रखा गया तो कोई कानूनी पचड़ा सामने आ सकता है। नौकरी में बॉस या सहकर्मियों से अनबन की आशंका है। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें और जितना हो सके संयम व सूझबूझ से काम लें। रक्तचाप और त्वचा संबंधी समस्याएं उभर सकती हैं, सावधानी बरतें।
धनु राशि
शनि के इस गोचर के दौरान धनु राशि के जातकों को कई स्तरों पर संयम बरतने की आवश्यकता है। विशेष रूप से जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें। स्वास्थ्य कमजोर पड़ सकता है। खासतौर पर हड्डियों, जॉइंट्स और थकान से जुड़ी समस्याएं उभर सकती हैं। बच्चों की शिक्षा में कोई न कोई विघ्न आते रहने की संभावना है, जिससे तनाव कि समस्या हो सकती है। नौकरी में सहकर्मियों से वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है। जितना संभव हो, शांतिपूर्वक कार्य करें और पीठ पीछे की राजनीति से खुद को दूर रखें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।