ग्रहों के राजकुमार बुध 16 मार्च को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं जो कि उनकी नीच राशि है। बुध बैंकिंग, कला, लेखन के अलावा व्यापारी वर्ग के भी कारक है। ऐसे में बुध जब एक राशि से दूसरी राशि में संचरण करते है तो उनके गोचर का व्यापक असर होता है। उनके इस गोचर से 3 राशियों को 31 मार्च तक बेहद सावधान रहना होगा।
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मेष राशि - इस राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं। अब बुध का गोचर आपके द्वादश भाव में होगा। बुध के गोचर से आपको अपने आर्थिक पक्ष को लेकर सावधान रहना होगा। इस दौरान विदेश में काम कर रहे जातकों को कोई समस्या आ सकती है। बुध के इस गोचर काल में आपको त्वचा से जुड़े रोग परेशान कर सकते हैं। इस गोचर काल में अगर आप अपनी नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो आपके लिए इस निर्णय को कुछ समय तक टाल देना बेहतर रहेगा।
सिंह राशि - इस राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और एकादश भाव के स्वामी हैं और अब उनका गोचर आपके आठवें भाव से होगा। इस भाव से बुध का गोचर शुभ फल देने वाला नहीं होता है। इस दौरान आपको कोई बड़ी आर्थिक हानि संभव है। शेयर मार्किट में काम कर रहे जातकों को बेहद सावधानी से काम करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान ससुराल पक्ष से किसी भी प्रकार का कोई वाद विवाद नहीं करे। इस समय कार्य स्थल पर आपके शत्रु सक्रिय हो सकते है किसी पर भरोसा नहीं करे।
कुम्भ राशि - इस राशि के जातकों के लिए बुध पंचम तथा अष्टम भाव के स्वामी होते हैं और अब बुध का गोचर आपके दूसरे भाव यानी कि वाणी भाव से होगा। इस समय आपको पारिवारिक कलह से खुद को बचाना होगा। आपकी वाणी के कारण किसी से विवाद संभव है। इस समय आपको सलाह दी जाती है कि आप किसी भी प्रकार का कोई नया निवेश करने से खुद को बचाये। छात्र वर्ग के लिए समय थोड़ा कठिन हो सकता है इसलिए आपको पढाई पर अपना मन केंद्रित करना होगा। इस समय जुकाम, गले की खराश, बदन दर्द जैसी शिकायत हो सकती है।