Mercury Combust Impact On Zodiac Signs: बुध ग्रह, जो सूर्य के सबसे निकट ग्रहों में से एक है, अक्सर अपने अस्त होने के कारण ज्योतिष में खास महत्व रखता है। बुध बुद्धि, वाणी, संवाद, शिक्षा और वाणिज्य का कारक ग्रह माना जाता है। हालांकि बुध के अस्त होने को अन्य ग्रहों की तुलना में कम दोषपूर्ण माना जाता है, फिर भी इसका प्रभाव उन क्षेत्रों में जरूर पड़ता है जिनके लिए बुध जिम्मेदार है। 29 अगस्त 2025 को बुध कर्क राशि में अस्त होंगे। इस दौरान बुध ग्रह का अस्त रहना हमारे जीवन के कई पहलुओं पर असर डाल सकता है, खासकर उन लोगों पर जिनकी राशि या लग्न कर्क, सिंह या कन्या से संबंधित है।
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बुध की यह स्थिति लगभग एक महीने तक रहेगी और 2 अक्टूबर 2025 को वे कन्या राशि में उदित होंगे। अस्त रहते हुए बुध कर्क, सिंह और कन्या तीनों राशियों में भ्रमण करेंगे, इसलिए इन राशियों के जातकों को विशेष सावधानी और सजगता बरतनी होगी। इस अवधि में बुध से जुड़े क्षेत्र जैसे बुद्धि, संचार, शिक्षा, व्यवसाय और मानसिक स्थिरता पर प्रभाव पड़ सकता है। इस लेख में हम बुध के कर्क राशि में अस्त होने के फल को विस्तार से समझेंगे ताकि आप अपने जीवन में आने वाले बदलावों के लिए बेहतर तरीके से तैयारी कर सकें और इस समय का लाभ उठा सकें।
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बुध के अस्त रहने के कारण शुरुआती दिनों में मन में अनिश्चितता और दबाव महसूस हो सकता है।
- फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
मेष राशि में बुध ग्रह आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं, और अस्त रहते हुए ये आपके चतुर्थ, पंचम और छठे भावों में गोचर करेंगे। बुध के अस्त होने की वजह से आपका आत्मविश्वास थोड़ा कमजोर पड़ सकता है। खासतौर पर प्रतियोगी मामलों में आप असहज महसूस कर सकते हैं और तनाव भी बढ़ सकता है। विद्यार्थी वर्ग अपने विषयों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाएंगे, जिससे पढ़ाई में बाधा आ सकती है। कार्यक्षेत्र में भी कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। समग्रतः बुध के अस्त रहने के कारण शुरुआती दिनों में मन में अनिश्चितता और दबाव महसूस हो सकता है।
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बातचीत में सौम्यता और संयम बनाए रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
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वृषभ राशि
वृषभ राशि में बुध ग्रह दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं, जो अस्त रहते हुए तीसरे, चौथे और पांचवें भावों में गोचर करेंगे। तीसरा और चौथा भाव सामान्यतः अच्छे परिणाम देते हैं, पर पंचम भाव में बुध का गोचर कमजोर हो सकता है। अस्त रहने के कारण आर्थिक मामलों में कुछ कमजोरी महसूस हो सकती है। पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव या मतभेद उभर सकते हैं। संतान और शिक्षा के मामले में सावधानी बरतनी होगी, वहीं प्रेम संबंधों को गंभीरता से संभालना जरूरी होगा। बातचीत में सौम्यता और संयम बनाए रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
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घर-गृहस्थी में कुछ तनाव या असंतोष देखने को मिल सकता है।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए बुध ग्रह लग्न के साथ-साथ चौथे भाव के स्वामी भी हैं। बुध कर्क राशि में अस्त रहते हुए आपके दूसरे, तीसरे और चौथे भाव में गोचर करेंगे। गोचर के लिहाज से ये अच्छे परिणाम देने वाले हैं, लेकिन अस्त के कारण स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी कमजोरी आ सकती है। भाई-बंधु और पड़ोसियों के साथ रिश्तों को बनाए रखना आवश्यक होगा। घर-गृहस्थी में कुछ तनाव या असंतोष देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी बड़ी समस्या की संभावना कम है, परंतु सतर्क रहना फायदेमंद रहेगा।
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आर्थिक और पारिवारिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के योग हैं।
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कर्क राशि
कर्क राशि में बुध तीसरे और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं, और अस्त रहते हुए ये आपके पहले, दूसरे और तीसरे भाव में गोचर करेंगे। पहले भाव में बुध का प्रभाव ज्यादा नहीं रहेगा क्योंकि यह अवधि कम है। दूसरे और तीसरे भाव में गोचर सामान्यतः शुभ माना जाता है। फिर भी बुध के अस्त होने के कारण विदेश यात्रा, कानूनी मामले या किसी दूर के संबंध में थोड़ी देरी हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। आर्थिक और पारिवारिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के योग हैं, लेकिन राहु, केतु, शनि और मंगल जैसे ग्रहों के प्रभाव से पारिवारिक संबंधों को सावधानी से निभाना होगा।