Guru Grah Ka Rashi Parivartan: वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माने गए हैं। इस संसार के लिए बृहस्पति जीव के कारक हैं। बृहस्पति के कारण ही वनस्पतियों में औषधीय गुण आते हैं। देवगुरु बृहस्पति लगभग 1 साल बाद अपना राशि परिवर्तन करते हैं जिसके कारण इस पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्यों पर उसका समुचित प्रभाव पड़ता है। फलित ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को संतान, विद्या, ब्रह्म तत्व के कार्य, राजनीति, कूटनीति, सिंहासन, सोना, शेयर मार्केट जैसी चीजों का कारक माना गया है। 1 मई को देवगुरु बृहस्पति जब वृषभ राशि में गोचर करेंगे तो सभी 12 राशियों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। आइए जानते है कि आपकी राशि पर गुरु के गोचर का क्या प्रभाव होने वाला है?
देवगुरु बृहस्पति का 1 मई से वृषभ राशि में गोचर : जानें 12 राशियों पर क्या होगा इसका प्रभाव?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति भाग्य स्थान और द्वादश स्थान के स्वामी हैं। अब देवगुरु बृहस्पति का गोचर आपकी द्वितीय भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति की वाणी, संचित धन और कुटुंब सुख का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान बृहस्पति की दृष्टि आपके छठे, अष्टम और दशम भाव पर होगी। बृहस्पति के इस गोचर से मेष राशि के जातकों को धन संबंधी मामलों में सफलताएं प्राप्त होने के योग दिखाई पड़ रहे हैं। आपके भाग्य का सहयोग आपको प्राप्त होगा। इसके अलावा आपकी पैतृक संपत्ति में बढ़ोतरी के योग आने वाले समय में बनेंगे। आप जहां नौकरी करते हैं वहां आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी। उसके अलावा आपको प्रमोशन भी दिया जा सकता है। अगर आप नई नौकरी ढूंढ रहे हैं तो भी आपकी इच्छा पूरी हो सकती है। ससुराल पक्ष से आर्थिक समृद्धि प्राप्त होने के योग बने हुए हैं। इसके अलावा आप अपने व्यापार के विस्तार के लिए विदेश यात्राएं भी कर सकते हैं। मेष राशि के ऐसे जातक जो शिक्षक हैं अथवा तो राजनीति और कूटनीति के काम से जुड़े हुए हैं उन्हें प्रसिद्धि और सम्मान प्राप्त होने के योग दिखाई पड़ रहे हैं। आपको आपके कार्य स्थल पर किसी विशेष कार्य को संपादित करने के लिए सम्मानित भी किया जा सकता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति अष्टम और लाभ स्थान के स्वामी हैं। अब देवगुरु बृहस्पति का गोचर आपके प्रथम भाव में ही होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति के व्यक्तित्व और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि आपके पंचम, सप्तम और भाग्य स्थान पर होगी। देवगुरु बृहस्पति का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए उनके मन की सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला होगा। इस समय आप अपने जीवन में सभी लाभों को प्राप्त करेंगे। आपके कार्यस्थल पर आपको प्रमोशन प्राप्त होगा। संतान पक्ष से सुखद समाचार प्राप्त होंगे। उच्च अध्ययन के लिए आप विदेश जा सकते हैं। अगर आप कर्मकांड और ज्योतिष से जुड़े हैं तो आपको अत्यधिक प्रसिद्धि प्राप्त होगी। देवगुरु बृहस्पति के वृषभ राशि में गोचर करने से आपके वैवाहिक जीवन में आपको अत्यधिक सुख और आनंद की प्राप्ति होगी। आपका भाग्य उत्तम रहेगा और आपके पिता और गुरुओं से आपको समुचित सहयोग प्राप्त होगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं। अब देवगुरु बृहस्पति का गोचर उनके द्वादश भाव में होगा। इस भाव से व्यक्ति की विदेश यात्राएं, एकांत और व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति को देखा जाता है। इस भाव में विराजमान देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि आपके चतुर्थ भाव, छठे भाव और अष्टम भाव पर होगी। देवगुरु बृहस्पति के इस गोचर से मिथुन राशि के जातकों को अपने कार्य स्थल पर कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। आपको काम के सिलसिले में कुछ ऐसी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं जो आपके लिए थकान देने वाली होगी। इसके अलावा धन की कमी से भी आपको दिक्कत हो सकती है। इस अवधि में आपके खर्चों में वृद्धि हो जाएगी जिसके कारण आपको आने वाले समय में कुछ आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मिथुन राशि के जातकों को स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से भी बेहद सावधान रहना होगा। इस समय लीवर और पेट से जुड़ी कोई बीमारी आपको परेशान कर सकती है। इसके अलावा आपके वैवाहिक जीवन में भी देवगुरु बृहस्पति का यह गोचर कुछ तकलीफें देने का कार्य कर सकता है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति छटे और नवम भाव के स्वामी हैं। अब देवगुरु बृहस्पति का गोचर आपके लाभ स्थान में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति की इच्छा पूर्ति का ज्ञान किया जाता है। इस भाव में विराजमान देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि आपके तृतीय भाव पंचम भाव और सप्तम भाव पर रहने वाली है। कर्क राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति का गोचर उनकी सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाला रहने वाला है। इस समय आपको अपने व्यवसाय में इच्छित लाभ की प्राप्ति होगी। आपने पिछले समय में जो मेहनत की है अब आपको उसे मेहनत का लाभ अवश्य प्राप्त होगा। देवगुरु बृहस्पति की कृपा से कर्क राशि के जातकों के लिए उनके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई बहनों का सहयोग प्राप्त होगा। यात्राओं से लाभ होगा। इसके अलावा अगर काफी समय से आप संतान प्राप्ति की कोशिश कर रहे हैं तो बृहस्पति के इस गोचर के दौरान आपके घर में किसी नन्हे मेहमान का आगमन भी हो सकता है। देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से आपके वैवाहिक जीवन में भी सुख और आनंद की स्थिति बनी रहेगी। इसके अलावा आपकी पत्नी के माध्यम से आपको अनेक लाभ की प्राप्ति होने के योग हैं।