Guru Chandal Yog: ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति या बृहस्पति ग्रह को सबसे बड़ा और सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। लेकिन यदि बृहस्पति के साथ राहु भी स्थित हो तो बृहस्पति की सकारात्मक चीजें नष्ट हो जाती हैं और नकारात्मक चीजें उत्पन्न हो जाती हैं और व्यक्ति के जीवन में समस्याएं और चिंताएं पैदा हो जाती हैं। कुंडली में कई शुभ और अशुभ योग होते हैं। उनमें से एक है चांडाल योग। यह योग अत्यंत विनाशकारी योग माना जाता है।
Guru Chandal Yog: क्या होता है गुरु चांडाल योग? जानें व्यक्ति के जीवन पर क्या असर डालता है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चांडाल योग क्या है?
गुरु चांडाल योग तब बनता है जब कुंडली में बृहस्पति और राहु का मिलन होता है। इसकी वजह से एक खुशहाली भी दुख और कठिनाई में बदल जाती है। ये वे लोग हैं जिनकी कुंडली के केंद्र में बृहस्पति है। कुंडली के घर में राहु के प्रवेश का कोई विशेष प्रभाव नहीं होता है। यदि इनकी कुंडली में गुरु चांडाल योग हो तो इन्हें चिंता और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के मान-सम्मान में भी कमी आती है।
चांडाल योग से आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति और राहु एक साथ हों तो चांडाल योग बनने से आप पर चारित्रिक दोष लग सकता है।
यदि आप शादीशुदा हैं और आपकी कुंडली में गुरु चांडाल योग बन रहा है तो आपको अपने दांपत्य जीवन में कलह की उम्मीद रखनी पड़ सकती है।
कुंडली में गुरु चांडाल योग बनने से व्यक्ति को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
गुरु चांडाल योग के प्रभाव से आपका पैसा पानी की तरह खर्च होगा।
इस कमी के विकसित होने से व्यक्ति के करियर में समय-समय पर बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
गुरु चांडाल बनने के बाद लोग जिद्दी और हठी भी हो जाते हैं। इस कारण ये लोग सभी का सहयोग नहीं कर पाते।
चांडाल योग से बचने का उपाय
जिन जातकों की कुंडली में गुरु चांडाल योग बनने से दुख और परेशानियां ज्यादा आती हैं उन्हें देवगुरु बृहस्पति को बृहस्पतिवार को पीले वस्त्र, पीली मिठाई, पीले फल, पीले फूल, पीले चावल आदि का दान करना चाहिए।
राहु के निमित्त भी उन्हें पूजा पाठ करनी चाहिए। इससे गुरु चांडाल योग की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है और जातकों के जीवन में आए दुख और परेशानियां दूर होत हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।