वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रह समय-समय पर एक निश्चित अवधि के दौरान राशि परिवर्तन करते हैं। कई बार एक साथ दो या दो से अधिक ग्रह राशि परिवर्तन करते हुए एक ही राशि में आ जाते हैं, तो इसे ग्रहों की युति कहते हैं। कुछ ऐसी ही युति मई माह में वृषभ राशि में बनने वाली है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 01 मई को वृषभ राशि में देवताओं के गुरु बृहस्पति का गोचर हुआ है। जिससे आने वाले दिनों में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। गुरु के वृषभ राशि में गोचर करने के बाद 14 मई को सूर्य शाम 06 बजकर 4 मिनट पर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। फिर 19 मई को शुक्र मेष राशि की यात्रा को विराम देते हुए अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। 31 मई को ग्रहों के राजकुमार बुध वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस तरह से मई में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। चार प्रमुख ग्रहों के एक ही राशि में मिलन से कुछ राशि वालों की किस्मत चमक सकती है।
वृषभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही योग, इन राशि वालों को नौकरी और व्यापार में मिलेंगे अच्छे अवसर
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लग्न भाव में चतुर्ग्रही योग का निर्माण हुआ है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए चतुर्ग्रही योग बहुत ही लाभकारी सिद्ध साबित हो सकता है। वृषभ राशि के जातकों को भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा जिससे नौकरी और बिजनेस करने वाले जातकों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार देखने को मिल सकता है। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। लंबे समय से चले आ रहे किसी कानूनी वाद-विवाद का निपटारा संभव है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन को देखते हुए प्रशंसा मिलेगी। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। वहीं बिजनेस करने वाले जातकों को लाभ के सुनहरे अवसर और कोई अच्छी डील प्राप्त हो सकती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए चतुर्ग्रही योग बहुत ही अनुकूल साबित होगा। यह चतुर्ग्रही योग एकादश भाव में बन रहा है ऐसे में आपके लिए धन की कमी नहीं रहेगी। आर्थिक समृद्धि का वास होगा। व्यापार करने वाले जातकों को उनके व्यापार में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी। अगर आप कोई नए बिजनेस की तलाश में हैं तो आपकी योजनाएं कारगर साबित होंगी। नौकरी में वेतन वृद्धि और प्रमोशन के योग बन रहे हैं। करियर-कारोबार में अच्छी सफलता मिलेगी। वैवाहिक जीवन सुखमय बीतेगा।
मकर राशि के जातकों के लिए यह चतुर्ग्रही योग आपकी राशि से पंचम भाव में बन रहा है। कुंडली का पंचम भाव ज्ञान विद्या और बुद्धि का होता है। ऐसे में मकर राशि के जातकों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक संपन्नता का लाभ आपको मिलेगा। भाग्य का अच्छा साथ मिलने से आपको जीवन के हर एक क्षेत्र में तरक्की मिलेगी। परिवारिक जीवन सुखमय और सेहत अच्छी रहेगी।