वर्तमान संवत्सर में पृथ्वी पर चार ग्रहण पड़ेंगे जिनमें दो सूर्य ग्रहण होंगे और दो चंद्र ग्रहण होंगे। इनमें 4 दिसंबर को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए उस सूर्यग्रहण से संबंधित कोई भी दुष्प्रभाव भारतवर्ष पर नहीं पड़ेगा । वर्तमान में 26 मई बुधवार को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भी भारतवर्ष के केवल पूर्वी भाग पश्चिमी बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी उड़ीसा, मिजोरम, मणिपुर, असम, त्रिपुरा तथा मेघालय में ग्रस्तोदय के रूप में बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा इन स्थानों पर चंद्रमा ग्रस्तोदय ही उदित होंगे। चंद्रोदय के कुछ मिनट बाद ही ग्रहण समाप्त हो जाएगा। भारत वर्ष के शेष भागों में न तो यह ग्रहण दिखाई देगा और न ही इसका कोई दुष्प्रभाव सुताकादि पड़ेगा।
Chandra Grahan 2021: चंद्रग्रहण आज, जानिए देश में कहां दिखाई देगा और 12 राशियों पर प्रभाव
भारतवर्ष के अतिरिक्त ये ग्रहण दक्षिण पूर्वी एशिया, जापान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया में खग्रास रूप में दिखेगा। ग्रहण का प्रारंभ दोपहर बाद 2 बजकर 15 मिनट पर होगा। 4 बजकर 49 मिनट पर इसका मध्यकाल रहेगा। 4 बजकर 58 मिनट पर खग्रास समाप्त होगा और 6 बजकर 23 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा। ग्रहण का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव- यह ग्रहण अनुराधा और जेष्ठा नक्षत्र के संधिकाल तथा वृश्चिक राशि में चंद्रमा के गोचर के समय घटित हो रहा है अतः वृश्चिक राशि वालों के लिए ग्रहण अशुभ रहेगा। अन्य राशियों पर इसका कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
स्वास्थ्य संबंधी चिंता परेशान कर सकती है, अग्नि, विष और दवाओं के रिएक्शन से बचें। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। आरोप-प्रत्यारोप का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा।
वृषभ राशि
कार्य व्यापार में कुछ बाधाएं आएंगी जिन्हें पूरा करने में समय लगेगा। विवाह से संबंधित वार्ता में भी थोड़ा विलंब होगा । दांपत्य जीवन में अविश्वास न आने पाए। उच्चाधिकारियों से भी संबंध बिगड़ने न दें।
शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी सफलता मिलेगी। सोची समझी रणनीति कारगर रहेगी किंतु, किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि की भी संभावना रहेगी।