Astro Tips For Rahu: भारतीय ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक छाया ग्रह के रूप में जाना जाता है, जिसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की जटिलताओं और बाधाओं के रूप में देखने को मिलता है। जब कुंडली में राहु की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तो यह व्यक्ति के लिए मानसिक अशांति, आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। यदि अचानक जीवन में कई कठिनाइयां एक साथ सामने आने लगें, बार-बार कोई काम बिगड़ने लगें या रिश्तों में अनबन बढ़ जाए, तो यह राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि राहु दोष के लक्षण क्या है और इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
Astro Tips For Rahu: अगर आपके साथ भी हो रही हैं ये समस्याएं तो हो सकता है राहु का प्रभाव, जानें इसके उपाय
यदि अचानक जीवन में कई कठिनाइयां एक साथ सामने आने लगें, बार-बार कोई काम बिगड़ने लगें या रिश्तों में अनबन बढ़ जाए, तो यह राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि राहु दोष के लक्षण क्या है और इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
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राहु दोष जब कुंडली में सक्रिय होता है, तो व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं। इसका असर मन की स्थिरता पर भी साफ दिखाई देता है। अधिक क्रोध आना, बार-बार डरावने सपनों का आना, मानसिक भ्रम की स्थिति, निर्णय लेने में कठिनाई, रिश्तों में कड़वाहट और अचानक होने वाली दुर्घटनाएं, ये सभी राहु के अशुभ प्रभाव के संकेत हो सकते हैं। यदि आप भी इन लक्षणों से जूझ रहे हैं, तो संभव है कि आपकी कुंडली में राहु दोष सक्रिय हो।
राहु के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। इसके लिए “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का प्रतिदिन एक माला जाप करना शुभ होता है। साथ ही शनिवार के दिन गोमेद रत्न को लोहे या पंचधातु की अंगूठी में जड़वाकर मध्यमा उंगली में धारण करने से भी राहत मिलती है।
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देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए दुर्गा चालीसा का नियमित पाठ करना लाभकारी होता है। रोज सुबह पक्षियों को बाजरा खिलाना न केवल एक पुण्य कार्य है, बल्कि राहु को शांत करने का भी एक सरल उपाय है। समय-समय पर सात प्रकार के अनाज का दान करना, और एक नारियल व ग्यारह साबुत बादाम को काले कपड़े में लपेटकर किसी बहते हुए जल में प्रवाहित करने से राहु दोष की शांति में होती है।
जब राहु की दशा चल रही हो, तब “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” इस मंत्र का उच्च स्वर में जाप अवश्य करें। यह न केवल राहु को शांत करता है, बल्कि आपके भीतर आत्मबल और आत्मविश्वास भी जागृत करता है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।