जिस तरह से ज्योतिषशास्त्र में राशि का महत्व होता है उसी प्रकार अंकशास्त्र में अंकों का विशेष स्थान होता है। जैसे नाम के अनुसार राशि होती है, वैसे ही हर अंक के अनुसार अंक ज्योतिष में नंबर होते हैं। मूलांक व्यक्ति के जन्म की तारीख का योग होता है, कहने का तात्पर्य जिस तारीख को आपका जन्म हुआ होगा, उस तारीख का योग ही आपका मूलांक कहलाता है।
अंक ज्योतिष: 14 नवंबर 2018 को आपके लिए कौन सा नंबर रहेगा शुभ
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जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 1,10,19 या 28 तारीख को हुआ है तो उनका मूलांक 1 होगा। मूलांक 1 का स्वामी ग्रह सूर्य है, और सूर्य को जीवन शक्ति का प्रतीक माना गया है, यदि आपका मूलांक 1 है तो आप आपमें ईमानदारी नामक गुण की अधिकता रहेगी। आप दॄढ़ निश्चयी और श्रृजनशील व्यक्ति होंगे। आपमें नेतृत्त्व करने की उत्तम क्षमता है। लेकिन आप कुछ हद तक हठी और अहंकार से युक्त भी हो सकते हैं। ऐसे में एक सलाह हम आपको देना चाहेंगे कि अभिमान और स्वाभिमान दोनों में अंतर होता है। आप दोनों को पहचान कर ही आचरण करें। आप भलीभांति जांच कर लें कि जिसे आप स्वाभिमान समझ रहे हैं कहीं उसने अभिमान का रूप तो नहीं ले लिया है। यदि आप अभिमान से बचकर स्वाभिमान तक सीमित रहते हैं तो आपकी गणना श्रेष्ठतम लोगों में होगी क्योंकि आप अति महत्वाकांक्षी, आकर्षक व सुन्दर, स्वकार्य में दक्ष, कार्य पटु, विचार प्रधान, त्वरित और सही निर्णय लेने में दक्ष हैं। आप सतत क्रियाशील, कर्मप्रधान, अपने आदर्शों का निर्वाह करने वाले, बात के धनी, स्वनिर्णय पर अडिग एवं सैद्धान्तिक व्यक्ति हैं और ये गुण श्रेष्ठतम बनाने में बहुत सहायक होते हैं। प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन मूलांक एक वाली ही हैं। और फ़िल्म इंडष्ट्री में कोई गाडफ़ादर न होने के बावजूद उनकी गणना श्रेष्ठतम अभिनेत्रियों में की जाती है।
जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी माह की 2,11,20 या 29 तारीख को हुआ है तो उनका मूलांक 2 होगा। मूलांक 2 का स्वामी ग्रह चन्द्रमा है, और चन्द्रमा को शीघ्रगामी ग्रह माना गया है, मूलांक 2 से संबंधित लोग अत्यंत कल्पनाशील, भावुक, सहृदय और सरलचित्त होते हैं। ये न तो अधिक समय तक एक ही कार्य पर स्थिर रह सकते हैं और न ही लंबे समय तक सोच सकते हैं। इनमें रचनात्मकता कूट-कूट कर भरी होती है। ये जन्मजात कलाकार होते हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, गायिका अलका याज्ञिक और आशा पारेख आदि मूलांक २ के अच्छे उदाहरण हैं। ये मूलतः बुद्धिजीवी होते हैं। ये मस्तिष्क के स्तर अधिक सबल एवं स्वस्थ होते हैं, यहीं कारण है कि ये समाज के लिए अच्छे प्रेरक सिद्ध होते हैं। आचार्य श्रीराम शर्मा और ओशो आदि इस विन्दु के अच्छे उदाहरण हैं। इनके मन में नित नए नए विचार आते रहते हैं जिन्हें साकार देने के लिए ये सतत प्रयासरत रहते हैं।
जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी माह की 3,12,21 या 30 तारीख को हुआ है तो उनका मूलांक 3 होगा। मूलांक 3 का स्वामी ग्रह बृहस्पति है, जो सभी ग्रहों के गुरु हैं। मूलांक 3 वाले व्यक्ति बड़े स्वाभिमानी होते हैं। किसी के आगे झुकना इन्हें पसंद नहीं होता। ये किसी का एहसान नहीं लेना चाहते हैं। इन्हें किसी का बेवह हस्तक्षेप पसंद नहीं है। इन्हें अपनी स्वतंत्रता से समझौता करना पसंद नहीं होता। इस मूलांक वाले व्यक्ति साहसी, वीर, शक्तिशाली, अविचल, संघर्षशील, श्रमजीवी तथा कष्टों से हार न मानने वाले होते हैं। पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो में इन गुणों की झलक मिलती थी। उनका मूलांक 3 ही था। इनमें रचनात्मक क्षमता पर्याप्त मात्रा में होती है। ये जिस कार्य को ठान लेते है तो उसे करके ही छोड़ते हैं। ये इनकी महात्वाकांक्षी होते हैं। साथ ही ये अच्छे विचारक, दूरदर्शी, संभावित घटनाओ को भांप लेने वाले होते हैं।
जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी माह की 4,13,22 या 31 तारीख को हुआ है तो उनका मूलांक 4 होगा। मूलांक 4 का स्वामी ग्रह राहु है। कुछ अंकशास्त्री इसे यूरेनस या नकारात्मक सूर्य का अंक मानते हैं लेकिन हम इस राहु का अंक मानते हैं। मूलांक ४ वाले महान क्रांतिकारी, वैज्ञानिक या राजनीतिज्ञ हो सकते है लेकिन इस अंक वालों को घमंडी, उपद्रवी, अहंकारी और हठी के रूप में भी देखा गया है। लेकिन ये साहसी व्यवहार कुशल और चकित कर देने वाले कामों को करने में भी निपुण होते हैं। भारत के १३वें प्रधान मंत्री इंद्रकुमार गुजराल मूलांक ४ ही था और उन्हें १३वें प्रधान मंत्री बनने का गौरव मिला १३वें यानी कि १३, १३ यानी कि १ और ३ से बना अंक १ और ३ यानी कि ४, यानी कि मूलांक ४ का चमत्कार गुजराल जी के जीवन में आसानी से देखा जा सकता है।