ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती है, तब व्यक्ति के जीवन में परेशानियां बढ़ने लगती हैं। हर ग्रह का अपना एक अलग प्रभाव होता है। ज्योतिष में मंगल को साहस और पराक्रम का प्रतीक माना गया है। यदि किसी की कुंडली में मंगल स्थिति सही नहीं होती है तो व्यक्ति के जीवन में कई तरह की निजी और स्वास्थय संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं अशुभ मंगल के क्या होते हैं प्रभाव और क्या हैं उपाय।
भाई से बना रहता है झगड़ा या आता है अत्यधिक क्रोध तो करें मंगल को शुभ करने के ये उपाय
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मंगल के कारण होने वाले रोग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी जातक का मंगल खराब हो, तो उसे रक्त संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हें रक्तचाप फोड़े-फुन्सी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसके अलावा व्यक्ति को गुर्दे में पथरी गठिया और आंखों से संबंधित परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी जातक का मंगल खराब हो तो ऐसे लोगों को अत्यधिक क्रोध आने लगता है। ऐसे लोगों की अपने भाई से नहीं पटती है। इन लोगों को कई बार अपने क्रोध के कारण कोर्ट-कचेहरी संबंधी मामलों में भी फंसना पड़ जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अत्यधिक क्रोध करने, मांस-मदिरा का सेवन करने के कारण भी मंगल अशुभ फल प्रदान करता है। इसके साथ ही भाई के साथ गलत व्यवहार और छल करने वाले जातकों का मंगल भी शुभ फल नहीं देता है। मंगल को सही करने के लिए उपाय करने के साथ ही अपने व्यवहार को भी सही रखना चाहिए।
मंगल को सही करने के उपाय
- यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो उसे हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से राहत मिलती है।
- अपने भाई और सभी के साथ अपने व्यव्हार को अच्छा रखना चाहिए साथ ही क्रोध करने से बचना चाहिए।
- मंगल को शुभ करने के लिए मंगलवार के दिन गेहूं, तांबा, लाल कपड़ा, माचिस, लाल फल और गुड़ आदि चीजों का दान करना चाहिए।