आज यानी रविवार 5 जुलाई को चंद्र ग्रहण लगने वाला है यह ग्रहण गुरु पूर्णिमा की तिथि पर लगेगा। लगातार 3 सालों में गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसके पहले 2018 और 2019 में भी गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगा था। अब से थोड़ी देर बाद साल का तीसरा ग्रहण लगने जा रहा है। आइए जानते हैं इस चंद्र ग्रहण की पूरी डिटेल...
Chandra Grahan 2020: गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण एक साथ, 2 घंटे 45 मिनट तक रहेगा ग्रहण, जानें पूरी जानकारी
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ग्रहण का समय
यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा। भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण रात के समय नहीं होगा बल्कि दिन में लगेगा। ग्रहण की शुरूआत 5 जुलाई की सुबह के 8 बजकर 38 मिनट से होगी। 9 बजकर 59 मिनट पर ग्रहण अपने चरम पर होगा। फिर 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। भारत में ग्रहण नहीं दिखाई देने के कारण इसका सूतक मान्य नहीं होगा।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 5 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण धनु राशि में लगेगा। उसी समय धनु राशि में गुरु और राहु मौजूद रहेगा। ऐसे में ग्रहण के दौरान गुरु की द्दष्टि धनु राशि पर रहने के कारण ग्रहण का प्रभाव धनु राशि पर पड़ेगा।
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ग्रहण वाले दिन ही गुरु पूर्णिमा है। इस दिन वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास की जयंती मनाई जाती है। गुरु पूर्णिमा के दिन लगातार तीन सालों में चंद्र ग्रहण लग रहा है। पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने की परंपरा है।
यह ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा।
पिछले महीने की ही तरह 5 जुलाई को लगने वाला ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चांद के आकार में किसी भी तरह का कोई फेरबदल नहीं होता है। इस चंद्र ग्रहण में चांद के ऊपर पृथ्वी की छाया पड़ने से चांद पर एक हल्की सी धूल जैसी छाया पड़ेगी। इसी को उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते हैं।