ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है। यह ज्ञान, गुरु, धर्म, विवाह, संतान, वृद्धि आदि का कारक है। ये धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। देवगुरु जहां कर्क राशि में उच्च के होते हैं तो वहीं मकर राशि में ये नीच के माने जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत स्थिति में होता है तो वह जातक हर मुश्किल से बाहर निकल जाता है लेकिन यही जब कमजोर होता है तो जातक को अपने जीवन में कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। देवगुरु बृहस्पति वर्तमान में अपनी वक्री अवस्था में हैं और वे 14 सितंबर को मकर राशि में मार्गी होंगे। फिर इसके कुछ समय बाद 21 नवंबर को गुरु फिर से कुंभ राशि में आ जाएंगे। गुरु के वक्री चाल से 14 सितंबर तक कुछ विशेष राशियों को सावधान रहने की आवश्यकता होगी। इस दौरान इन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
Guru Margi 2021: गुरु की वक्री चाल से 14 सितंबर तक 5 राशि वाले हो जाएं सावधान, हो सकता है नुकसान
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आपको स्वास्थ्य के प्रति अधिक सावधान रहें। जमीन जायदाद से संबंधित विवाद भी लंबित पड़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। झगड़े विवाद से दूर ही रहें और कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले भी बाहर ही सुलझायें। इन सबके बावजूद मान-सम्मान की वृद्धि होगी और सामाजिक पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश में लगे रहेंगे। गुप्त शत्रुओं की अधिकता रहेगी जिन्हें पहचान पाना आपके लिए आसान नहीं रहेगा। इस अवधि में किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा दिया गया है वापस मिलने में संदेह रहेगा। यात्रा-देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेशी नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहने के योग हैं।
वक्री गुरु पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति बढ़ा सकते हैं इसे ग्रह योग समझकर बढ़ने न दें। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में सर्विस के लिए किया गया प्रयास सफल रहने के योग। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का हल निकलेगा। वाहन का भी क्रय कर सकते हैं। शीर्ष नेतृत्व से भी सहयोग मिलेगा। नौकरी में भी स्थान परिवर्तन का प्रयास कर रहे हो तो सफल रहेंगे।
वक्री बृहस्पति काफी उतार-चढ़ाव लाएंगे। किसी न किसी कारण से मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पारिवारिक कलह बढ़ने न दें। स्वास्थ्य के प्रति अधिक ध्यान दें। विद्यार्थियों को भी परीक्षा में अच्छी सफलता के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। शादी विवाह से संबंधित वार्ता सफल रहेगी। दांपत्य जीवन में भी मधुरता आएगी। दैनिक व्यापारियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। धर्म एवं आध्यात्मिक के प्रति रुचि बढ़ेगी।