Chandrama aur Jyotish: ज्योतिष में चंद्रमा ग्रह वैदिक ज्योतिष और हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण और प्रमुख भूमिका निभाता है। खगोलीय दृष्टि से, चंद्रमा एक ग्रह नहीं है, हालांकि, वैदिक ज्योतिष में इसे एक ग्रह माना जाता है। । जातक की जन्म कुंडली में चंद्रमा "मां " का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष में चतुर्थ भाव का स्वामित्व होने के कारण इसे घर भी माना जाता है। यह व्यक्ति के मन, स्थानीय सरकार या निजी नौकरियों का प्रतिनिधित्व करता है। जहां सूर्य जातक के सार्वजनिक जीवन और समाज में उच्च पद पर होने का संकेत देता है वहीं चंद्रमा पारिवारिक जीवन, घर और व्यक्तिगत और निजी मामलों को दर्शाता है। भारतीय परंपरा में विवाह से पहले वर-वधु की कुंडली का मिलान किया जाता है। यह मिलान भी कुंडली में चंद्रमा कि स्थिति को देखकर ही किया जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चंद्रमा मन का सीधा कारक माना जाता है और विवाह दो मनों का पारस्परिक मेल है। आइए जानते हैं कुंडली मिलान में क्या है इसकी भूमिका।
Chandrama aur Jyotish: विवाह में चंद्रमा का महत्व, जानें कुंडली मिलान में क्या है इसकी भूमिका
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Wed, 23 Aug 2023 11:57 AM IST
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