मसूद अजहर पर भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान ने लिया यू टर्न
- मसूद पर घरेलू राजनीति और चीन के ताजा रुख से उलझी नवाज शरीफ सरकार
पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने थ्योरी ऑफ रेसिप्रोकेसी को नकार कर जांच में फंसाया पेंच
- एनएसए अजीत डोभाल ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को आगे की रणनीति से कराया अवगत
पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने थ्योरी ऑफ रेसिप्रोकेसी को नकार कर जांच में फंसाया पेंच
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जैश-ए-मोहम्मद सरगना मौलाना मसूद अजहर पर ठोस कार्रवाई और उससे पूछताछ पर भारत के कड़े रुख ने पाकिस्तान को पठानकोट आतंकी हमले की जांच के मामले में फिलहाल यू टर्न लेने पर मजबूर कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल इस जांच के सिलसिले में नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की पाक यात्रा से पहले मसूद अजहर पर ठोस कार्रवाई करने का दबाव बनाए हुए हैं। इतना ही नहीं भारत मसूद से पूछताछ के लिए भी अड़ा हुआ है। भारत की ओर से हमले में आईएसआई की सक्रियता के पुख्ता सबूत दिए गए हैं। इसलिए भी पाकिस्तान का रुख बदला है। भारत केदबाव केमद्देनजर पाकिस्तान की अंदरुनी राजनीति और चीन के मसूद अजहर पर लिए गए ताजा रुख ने नवाज शरीफ सरकार को उलझा दिया है।
पाकिस्तान मामलों के रणनीतिकारों के मुताबिक शरीफ सरकार के इशारे पर भारत में पाकिस्तान केउच्चायुक्त अब्दुल बासित ने बृहस्पितवार को थ्योरी ऑफ रेसिप्रोकेसी को नकार कर एनआईए टीम की संभावित यात्रा पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान के इस नए पैंतरे के बाद डोभाल ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर आगे की रणनीति से अवगत कराया है। पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) में मसूद के खिलाफ ताजा सबूत देने का फैसला किया है।
इस मामले से जुड़े उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि इस जांच के लिए पाकिस्तानी जांच दल (जेआईटी) के गठन के बाद डोभाल और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नासिर खान जंजुआ केबीच तय नियम और शर्तें थ्योरी ऑफ रेसिप्रोकेसी के आधार पर ही बनाई गई थी। यानी जांच केसिलसिले में जेआईटी की मांग को एनआईए मानेगा और एनआईए की जरुरतों को जेआईटी को पूरा करना होगा। जेआईटी की भारत में पांच दिन की मौजूदगी के दौरान दोनों पक्षों का रुख काफी सकारात्मक था। भारत ने तमाम घरेलू दबावों को नकारते हुए पठानकोट एयरबेस में पाक टीम को जाने की अनुमति दे दी।
टीम में पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के सदस्य की मौजूदगी पर भी भारत ने आंखें मूंदे रखी। सूत्रों के मुताबिक जेआईटी के पाकिस्तान लौटते ही महौल बदलने लगा। पाकिस्तान ने कथित रॉ एजेंट को गिरफ्तार कर उसका मुद्दा बना दिया। यहां तक कि मसूद को नजरबंद रखने की बात करने वाली नवाज सरकार के अंदर से उसकेपाकिस्तान में मौजूद नहीं होने की बात फैलाई जाने लगी। अब पाकिस्तान के नए पैंतरे ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल मसूद अजहर पर हाथ नहीं डालने जा रहा है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक दोनों एनएसए अब भी कोई रास्ता निकालने की कोशिश में हैं।