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गुब्बारे बेचने वाले की बेटी ने किया कमाल
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 31 May 2013 01:47 PM IST
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इस साल सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में 99.76 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं जिनमें से 86,162 स्टूडेंट्स ने परफेक्ट 10 सीजीपीए पाया है (हर विषय में A1 यानि 91 प्रतिशत से ज्यादा मार्क्स)।
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सीबीएसई की परीक्षा में अच्छी ग्रेड से पास होने वाले बच्चों में कुछ ऐसे भी हैं जिनके लिए यह काम आसान नहीं था।
कविता अनुरागीः बिजली नहीं तो कैंडल में पढ़ती थी
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के गौतम पुरी निवासी कविता अनुरागी और उसके परिवार के लिए कल बहुत खुशी का दिन रहा। कविता अनुरागी ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में परफेक्ट ग्रेड सीजीपीए 10 पाया है।
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वह अपने पांच भाई बहनों के साथ गौतम पुरी में रहती है। उसके पिता गुब्बारा बेचकर महीने में 6000 रुपया कमा पाते हैं।
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कविता ने अपनी सफलता के बारे में कहा कि जब बिजली नहीं रहती थी वह कैंडल की रोशनी में पढ़ाई करती थी। वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती है।
सार्थकः बीमारी को दी सफलता ने मात
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 16 साल के कानपुर के आजाद नगर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में 'स्पेशल चाइल्ड' के तौर पर पढ़ाई करने वाले सार्थक मिनोचा ने 9.2 ग्रेड पाया है। वह गंभीर बीमारी डिसलेक्सिया का शिकार है।
सार्थक के ब्रेन की धमनियों में ब्लॉकेज है जिसे मेडिकल शब्दावली में मोयामोया सिंड्रोम कहा जाता है। पांच साल की उम्र में उसकी इस बीमारी का पता चला था। 1993 में मां-बाप ओपेन ब्रेन सर्जरी के लिए उसे कनाडा ले गए थे।
इसके बाद भी वह डिसलेक्सिया का शिकार है। डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चों में लर्निंग डिसेबिलिटी होती है। इच्छाशक्ति की बदौलत सार्थक ने इतने अच्छे अंक पाए हैं। वह भविष्य में हाई प्रॉफिट बिजनेस करना चाहता है।
तपस भारद्वाजः रोशन किया नाम
डीपीएस आरके पुरम दिल्ली के स्टूडेंट तपस भारद्वाज दृष्टिबाधित हैं लेकिन वह चंद ऐसे स्टूडेंट्स में शामिल हैं जिन्होंने परफेक्ट 10 सीजीपीए पाया है। उन्हें सिंगिंग और कंप्यूटर से बहुत लगाव है। 15 साल के तपस ने मानविकी से 11वीं की पढ़ाई करने का फैसला लिया है।