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एक मां, जो जिंदगी भर रहेगी अपने बेटे की मौत से अंजान
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 03:34 AM IST
सार
- शव आने से पहले ही रिश्तेदारी में भेजा
- हार्ट पेशेंट होने की वजह से नहीं बताई घटना
- यूक्रेन में हुई थी मेडिकल के छात्र प्रणव शांडिल्य की मौत
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यूक्रेन में मेडिकल छात्र प्रणव शांडिल्य की मौत
- फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
यूक्रेन में मेडिकल के छात्र प्रणव शांडिल्य की मौत से उसकी मां उर्मिला शर्मा को अभी तक अंधेरे में रखा गया है। मां को नहीं बताया गया कि उनका लाड़ला अब इस दुनिया में नहीं है। दरअसल, मां उर्मिला दिल की मरीज है, इसलिए उन्हें बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। शुक्रवार को प्रणव का शव आने से पहले ही परिजनों ने उर्मिला को रिश्तेदारी में भेज दिया था, ताकि उसे बेटे की मौत की भनक न लग सके। परिजन यह राज हमेशा के लिए उनसे छिपाकर रखना चाहते हैं।
सुथराशाही निवासी परमेश शर्मा के बेटे प्रवण शांडिल्य की यूक्रेन में रविवार रात बदमाशों ने हत्या कर दी थी। सोमवार को परिजनों को प्रणव की मौत की खबर मिल गई थी, तभी से परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पिता परमेश शर्मा, भाई मुकुल, बहन कामाक्षी समेत सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में ही मौजूद मां उर्मिला शर्मा को परिजनों ने प्रणव की मौत की जानकारी नहीं दी।
मां उर्मिला दिल की मरीज हैं और वह बेटे की मौत का आघात सहन नहीं कर पाएंगी। इसी कारण परिजनों ने उन्हें बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया है। प्रणव की मौत से परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से परिवार जहां प्रणव के शव की बाट जोह रहा था, वहीं दूसरी ओर उसकी मां से इस राज को छुपाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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हालांकि बेटे की मौत के बाद से ही उर्मिला की तबीयत खराब है। उन्हें चारपाई पर ही रखा है। शुक्रवार को प्रणव का शव आने से पहले ही परिजनों ने बृहस्पतिवार को मां उर्मिला को गऊशाला मोहल्ले में रिश्तेदार देवेंद्र शर्मा के घर भेज दिया, ताकि उसे बेटे की मौत की भनक न लग सके। विडंबना देखिए मां अपने इस लाल को अब जीवन में कभी नहीं देख पाएगी। परिजनों ने मां से उसकी मौत का राज अभी तक छुपा कर रखा है। हार्ट पेशेंट मां को खबर लगते ही उनकी जान को खतरा हो सकती है, इसी लिए परिवार ने खामोशी की चादर ओढ़ रखी है।
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सुथराशाही निवासी परमेश शर्मा के बेटे प्रवण शांडिल्य की यूक्रेन में रविवार रात बदमाशों ने हत्या कर दी थी। सोमवार को परिजनों को प्रणव की मौत की खबर मिल गई थी, तभी से परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पिता परमेश शर्मा, भाई मुकुल, बहन कामाक्षी समेत सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में ही मौजूद मां उर्मिला शर्मा को परिजनों ने प्रणव की मौत की जानकारी नहीं दी।
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मां उर्मिला दिल की मरीज हैं और वह बेटे की मौत का आघात सहन नहीं कर पाएंगी। इसी कारण परिजनों ने उन्हें बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया है। प्रणव की मौत से परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से परिवार जहां प्रणव के शव की बाट जोह रहा था, वहीं दूसरी ओर उसकी मां से इस राज को छुपाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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हालांकि बेटे की मौत के बाद से ही उर्मिला की तबीयत खराब है। उन्हें चारपाई पर ही रखा है। शुक्रवार को प्रणव का शव आने से पहले ही परिजनों ने बृहस्पतिवार को मां उर्मिला को गऊशाला मोहल्ले में रिश्तेदार देवेंद्र शर्मा के घर भेज दिया, ताकि उसे बेटे की मौत की भनक न लग सके। विडंबना देखिए मां अपने इस लाल को अब जीवन में कभी नहीं देख पाएगी। परिजनों ने मां से उसकी मौत का राज अभी तक छुपा कर रखा है। हार्ट पेशेंट मां को खबर लगते ही उनकी जान को खतरा हो सकती है, इसी लिए परिवार ने खामोशी की चादर ओढ़ रखी है।
शोक में बंद रहे बाजार
यूक्रेन में मेडिकल छात्र प्रणव शांडिल्य की मौत
- फोटो : amar ujala bureau
छात्र प्रणव शांडिल्य की मौत के गम में सुथराशाही, कुंदनपुरा और प्रेमपुरी के बाजार बंद रहे। शुक्रवार को छात्र का शव आने की जानकारी मिलने पर सुबह से ही क्षेत्र का बाजार बंद रहा। छात्र की मौत से हर कोई गमगीन था। दुकानदारों ने अपनी दुकानें दुपहर तक बंद रखी। दाह संस्कार होने के बाद बाजार खुला।
सांत्वना देने वालों को तांता लगा रहा
छात्र की मौत पर गमगीन परिजनों को सांत्वना देने वालों को पूरा दिन तांता लगा रहा। शुक्रवार को शव आने की जानकारी मिलने पर सुबह से ही छात्र के आवास पर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। शव आने से पहले ही आवास पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। दाह संस्कार के बाद भी परिजनों को सांत्वना देने वाले शाम तक आवास पर पहुंचते रहे।
छह दिन बाद भी सुरक्षित था शव
हत्या के छह दिन बाद भी छात्र प्रणव का शव सुरक्षित था। यूक्रेन में पोस्टमार्टम के बाद शव पर विशेष केमिकल्स का लेप किया गया था, ताकि वह सुरक्षित रहे। शव को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रकार के इलेक्ट्रिक ताबूत में रखा गया था।
सांत्वना देने वालों को तांता लगा रहा
छात्र की मौत पर गमगीन परिजनों को सांत्वना देने वालों को पूरा दिन तांता लगा रहा। शुक्रवार को शव आने की जानकारी मिलने पर सुबह से ही छात्र के आवास पर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। शव आने से पहले ही आवास पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। दाह संस्कार के बाद भी परिजनों को सांत्वना देने वाले शाम तक आवास पर पहुंचते रहे।
छह दिन बाद भी सुरक्षित था शव
हत्या के छह दिन बाद भी छात्र प्रणव का शव सुरक्षित था। यूक्रेन में पोस्टमार्टम के बाद शव पर विशेष केमिकल्स का लेप किया गया था, ताकि वह सुरक्षित रहे। शव को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रकार के इलेक्ट्रिक ताबूत में रखा गया था।