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योगी सरकार ने एमएसएमई को दिया सपा सरकार से दोगुना ज्यादा लोन
Tue, 29 Dec 2020 05:23 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 29 Dec 2020 05:23 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए जो प्रयास शुरू किए थे, अब उसके परिणाम दिखने लगे हैं। एमएसएमई सेक्टर के मामले में योगी सरकार का पौने चार साल का कार्यकाल सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल पर भारी पड़ा है। इस अवधि में योगी सरकार ने एमएसएमई को पिछली सरकार से करीब दोगुना से अधिक लोन दिया है।
प्रदेश में संचालित आठ लाख सात हजार 537 एमएसएमई इकाइयां हैं। इनमें 30 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले हैं। योगी सरकार में वित्त वर्ष 2017-18 में 46,594 करोड़, 2018-19 में 57,808 करोड़, 2019-20 में 71,080 करोड़ और 2020-21 सितंबर तक 36,972 करोड़ रुपये का लोन इस सेक्टर को दिया है। यानी, कुल 2,12,454 करोड़ रुपये का लोन दिया गया। जबकि, सपा सरकार में कुल एक लाख छह हजार 68 करोड़ रुपये के लोन दिए गए थे। एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि सीएम योगी ने प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 21 विभागों की नीतियों में बदलाव करने के साथ कानून व्यवस्था सहित कई अहम पहलुओं पर काम किया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में यूपी दूसरे पायदान पर आ गया है। कोरोना काल में भी सीएम योगी ने चार बार मेगा लोन मेला लगाकर उद्योगों को लोन वितरित किया।
6.79 लाख नई इकाइयां लगाई गईं
योगी सरकार में एमएसएमई ने 2,12,454 करोड़ रुपये के लोन से अपनी औद्योगिक क्षमता में विस्तार से लेकर बाजार तक में बढ़त बनाई है। साथ ही छह लाख 79 हजार 647 नई इकाइयां भी लगाई गई हैं। इसमें प्रधानमंत्री इंप्लायमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (पीएमईजीपी), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और ओडीओपी सहित कई अन्य योजनाओं के तहत लोन दिए गए हैं।
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25 से 30 लाख लोगों को मिला रोजगार
आईआईए के चेयरमैन पंकज गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन साल में सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जो प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, उसमें एमएसएमई का बहुत बड़ा योगदान है। चाहे वह बिजलीघर निर्माण हो या ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क को सुधारने की कवायद। इसके अलावा टेलीकॉम, आवास, सड़क निर्माण, ट्रांसपोर्ट और स्मार्ट सिटी आदि में अच्छे काम हुए हैं, जिस कारण एमएसएमई को भी सरकार की ओर से काम मिला है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 25 से 30 लाख लोगों को रोजगार भी मिला है।
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प्रदेश में संचालित आठ लाख सात हजार 537 एमएसएमई इकाइयां हैं। इनमें 30 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले हैं। योगी सरकार में वित्त वर्ष 2017-18 में 46,594 करोड़, 2018-19 में 57,808 करोड़, 2019-20 में 71,080 करोड़ और 2020-21 सितंबर तक 36,972 करोड़ रुपये का लोन इस सेक्टर को दिया है। यानी, कुल 2,12,454 करोड़ रुपये का लोन दिया गया। जबकि, सपा सरकार में कुल एक लाख छह हजार 68 करोड़ रुपये के लोन दिए गए थे। एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि सीएम योगी ने प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 21 विभागों की नीतियों में बदलाव करने के साथ कानून व्यवस्था सहित कई अहम पहलुओं पर काम किया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में यूपी दूसरे पायदान पर आ गया है। कोरोना काल में भी सीएम योगी ने चार बार मेगा लोन मेला लगाकर उद्योगों को लोन वितरित किया।
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6.79 लाख नई इकाइयां लगाई गईं
योगी सरकार में एमएसएमई ने 2,12,454 करोड़ रुपये के लोन से अपनी औद्योगिक क्षमता में विस्तार से लेकर बाजार तक में बढ़त बनाई है। साथ ही छह लाख 79 हजार 647 नई इकाइयां भी लगाई गई हैं। इसमें प्रधानमंत्री इंप्लायमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (पीएमईजीपी), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और ओडीओपी सहित कई अन्य योजनाओं के तहत लोन दिए गए हैं।
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25 से 30 लाख लोगों को मिला रोजगार
आईआईए के चेयरमैन पंकज गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन साल में सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जो प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, उसमें एमएसएमई का बहुत बड़ा योगदान है। चाहे वह बिजलीघर निर्माण हो या ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क को सुधारने की कवायद। इसके अलावा टेलीकॉम, आवास, सड़क निर्माण, ट्रांसपोर्ट और स्मार्ट सिटी आदि में अच्छे काम हुए हैं, जिस कारण एमएसएमई को भी सरकार की ओर से काम मिला है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 25 से 30 लाख लोगों को रोजगार भी मिला है।