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लॉकडाउन में काम हुआ बंद तो घर लौट आया प्रवासी श्रमिक, तालाब किनारे पेड़ से लटकी मिली लाश
Fri, 19 Jun 2020 01:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 19 Jun 2020 01:35 PM IST
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रोते बिलखते मृतक के परिजन
- फोटो : amar ujala
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जालौन के माधौगढ़ में शुक्रवार को सदिंग्ध परिस्थितियों में प्रवासी मजदूर ने तालाब के पास आम के पेड़ से रस्सी बांधकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मजदूर के मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव डिकौली में कल्लू दोहरे (33) पुत्र स्व खेमराज ने गुरूवार रात घर से मात्र पचास मीटर दूरी पर तालाब के किनारे आम के पेड़ से रस्सी बांधकर आत्महत्या कर ली। सुबह ग्रामीण खेत की ओर जा रहे थे तभी पेड़ पर लटके युवक को देख कर दंग रह गए।
ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पत्नी हेमलता, पुत्री स्वीती का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी हेमलता का कहना है कि अहमदाबाद में गोलगप्पे (पानी के बतासे) का धंधा करते थे। लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो 13 मई को घर लौटे थे। गांव में मनरेगा मजदूरी करने जाते थे।
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कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव डिकौली में कल्लू दोहरे (33) पुत्र स्व खेमराज ने गुरूवार रात घर से मात्र पचास मीटर दूरी पर तालाब के किनारे आम के पेड़ से रस्सी बांधकर आत्महत्या कर ली। सुबह ग्रामीण खेत की ओर जा रहे थे तभी पेड़ पर लटके युवक को देख कर दंग रह गए।
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ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पत्नी हेमलता, पुत्री स्वीती का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी हेमलता का कहना है कि अहमदाबाद में गोलगप्पे (पानी के बतासे) का धंधा करते थे। लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो 13 मई को घर लौटे थे। गांव में मनरेगा मजदूरी करने जाते थे।
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