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ग्रामीण संसद पर महिलाओं का कब्जा
विनोद राणा/अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
Updated Sat, 16 Jan 2016 09:20 PM IST
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पालमपुर के उपमंडल पालमपुर में इस बार हुए ग्रामीण की संसद में चुनावों में करीब 51 प्रतिशत महिलाएं राज करेंगी। आरक्षण होने के कारण जनता ने महिला प्रधानों को भले ही स्वीकार कर लिया है। लेकिन, उपप्रधान पद के लिए पुन्नर पंचायत को छोड़ दें तो लंबागांव, पंचरुखी, भवारना और भेडूमहादेव में किसी भी महिला को उपप्रधान के पद पर स्वीकार नहीं किया गया है।
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पुन्नर से सीमा देवी ही एक मात्र उपप्रधान बनीं हैं। हालांकि, उपप्रधान पद के लिए चार से पांच नाम ही उभरे थे। लेकिन, गांव की जनता ने महिलाओं को उपप्रधान पद पर नाकार दिया। उपप्रधान पद पर महिलाओं को नकारने से साफ है कि जनता महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को पंचायत प्रधान देखना चाहती। अब देखना यह है कि पुरुषों से अधिख बनीं महिला प्रधान पंचायतों को कैसे चलाती हैं।
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इसका परिणाम भी लोगों को सामने होगा। विकास खंड लंबागांव की कौना, भ्रांता, बलोह, सन्हूं, पपलाह, बरडाम, भगेतर, जालग, नाहलना, लाहट, दगोह, मत्याल, मैला, और जलेट, विकास खंड पंचरूखी सुंगल, जंडपुर, टांडा, भिरड़ी, कैलाशपुर, अगोजर, अंद्रेटा, रक्कड़ भेड़ी, टिक्कर खास, राजपुर, चंद्रोपा, छेक, रजोट, गदियाड़ा, भुलाणा, सगूर, चढियार, मकोल, टटैहल और सिबल खोला पंचायत में महिला प्रधान बनीं हैं।
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वहीं विकास खंड भवारना मैंझा, भवारना, फरेड़, कोठी पाहड़ा, परौर, रमेहड, लोहना, भगोटला, बल्ला, द्रोगणू, लमलेहड़, हंगलोह, सिद्धपुर सरकारी, थला, पुन्नर, खलेठ, बड़सर, चौकी, राख, कस्वा, धोरन, आरठ झिकली और चंदपुर, सुलह विकास खंड पुढ़वा, धीरा, बसकेहड़, रोड़ा, काहनफट्ट, सिहोल, खुड़ल, सुलह, चौकी बलोटा, सांवा, भौरा, लाहट और अन्य कुछ पंचायतों पर महिलाओं का राज होगा।