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महिलाएं बनें जागरूक, न सहें हिंसा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Dec 2014 12:00 AM IST
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ग्राम खरौज और चकोठी में हुए कार्यक्रम में समर्थ फ ाउंडेशन के देवेंद्र गांधी ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुुसार भेदभाव की मनाही है। सभी को अभिव्यक्ति का अधिकार है।
इसके बावजूद महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हैं। जागरूकता की कमी के चलते महिलाएं हिंसा का विरोध कम करती हैं। जेंडर कोआर्डीनेटर रीना सिंह ने कहा कि महिलाओं के साथ परिवार के पुरुष सदस्यों द्वारा मारपीट, गालीगलौज, ताने देना, अपमान करना, आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे प्रकरण घरेलू हिंसा के दायरे में आते हैं।
महिलाएं इसका विरोध करें। घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 1090 डायल करें। कानूनी अधिकार पर कभी भी जानकारी ले सकतीं है। उन्होंने बताया कि अभियान का समापन अंतर्राष्ट्रीय महिला अधिकर दिवस पर 10 दिसंबर को कुरारा कसबे में किया जाएगा।
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इसके बावजूद महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हैं। जागरूकता की कमी के चलते महिलाएं हिंसा का विरोध कम करती हैं। जेंडर कोआर्डीनेटर रीना सिंह ने कहा कि महिलाओं के साथ परिवार के पुरुष सदस्यों द्वारा मारपीट, गालीगलौज, ताने देना, अपमान करना, आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे प्रकरण घरेलू हिंसा के दायरे में आते हैं।
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महिलाएं इसका विरोध करें। घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 1090 डायल करें। कानूनी अधिकार पर कभी भी जानकारी ले सकतीं है। उन्होंने बताया कि अभियान का समापन अंतर्राष्ट्रीय महिला अधिकर दिवस पर 10 दिसंबर को कुरारा कसबे में किया जाएगा।
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