{"_id":"9eb8acf3ffaf06c3a325ea25ce59a8c3","slug":"tv-actress-kishwar-merchant-interview-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"'आज TRP के लिए बनाए जाते हैं नाटक'","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
'आज TRP के लिए बनाए जाते हैं नाटक'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Aug 2014 04:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
17 सालों से टीवी में एक्टिंग कर रही हूं, लेकिन इन 17 सालों में टीवी सीरियल में एक बड़ा बदलाव आया है। पहले नाटकों में व्यवसायिक जिंदगी को भी अहमियत दी जाती थी। नाटक धड़कन में डॉक्टर का किरदार निभाने के लिए हमें असली के डॉक्टरों द्वारा सर्जिकल वर्क सिखाया गया था।
विज्ञापन
अब नाटकों को सिर्फ टीआरपी के लिए ही बनाया जाता है। यह बात टीवी एक्ट्रेस कीश्वर मर्चेंट ने शुक्रवार दोपहर सेक्टर 17 के एक होटल में कही। कीश्वर यहां अपने नाटक एक हसीना थी की प्रमोशन के लिए पहुंची थीं।
विज्ञापन
कीश्वर इस सीरियल में अपनी ही सहेली के पति के साथ नाजायज रिश्ता रखती हैं। अपने किरदार के बारे में उन्होंने कहा कि यह बेशक नकारात्मक है, लेकिन आजकल की बेरहम दुनिया का एक काला हिस्सा है।
विज्ञापन
आंटी के नाम से चिढ़ाता है वत्सल
कीश्वर ने बताया कि जब उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत हिप हिप हुर्रे से की थी उसी दौरान वत्सल ने भी जस्ट मोहब्बत से अपना कैरियर शुरू किया। उन्होंने बताया कि हम दोनों ही हमउम्र हैं, लेकिन शो में उसकी आंटी की भूमिका निभा रही हूं तो वह पहले दिन से ही आंटी के नाम से चिढ़ाता है।
संतुलन बनाने के लिए करती हैं दो सीरियल में काम
कीश्वर ने कहा कि वह एक हसीना थी के अलावा अकबर बीरबल में काम कर रही हैं। एक हसीना थी जहां एक सीरियस ड्रामा है वहीं अकबर बीरबल एक कॉमेडी। उन्होंने बताया कि गंभीर किरदार निभाने के बाद बहुत स्ट्रेस होता है इसलिए कॉमेडी सीरियल में काम करके मानसिक तौर संतुलन भी रखती हैं।
छुट्टी के लिए बताना पड़ता है दो महीने पहले
दो सीरियल में एक साथ काम करते हुए अपनी व्यस्तता के बारे में उन्होंने कहा कि शूटिंग के बाद बमुश्किल अपने लिए वक्त मिल पाता है। उन्होंने बताया कि अगर एक छुट्टी भी लेनी हो तो सीरियल के निर्माता को दो महीने पहले बताना पड़ता है, कई बार तो वह भी नहीं मिलती।