{"_id":"606ff975dc926e734419a91c","slug":"transport-corporation-will-remove-scania-buses-decide-to-end-contract-by-giving-three-months-notice","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवहन निगम स्कैनिया बसें हटाएगा, तीन माह का नोटिस देकर अनुबंध खत्म करने का फैसला","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
परिवहन निगम स्कैनिया बसें हटाएगा, तीन माह का नोटिस देकर अनुबंध खत्म करने का फैसला
Fri, 09 Apr 2021 02:14 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 09 Apr 2021 02:14 PM IST
विज्ञापन
स्कैनिया की सुपरलग्जरी बस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) तीन महीने बाद अपने बेड़े से सुपर लग्जरी बस स्कैनिया हटा देगा। इसके लिए स्कैनिया के मालिकों को नोटिस देकर अनुबंध खत्म करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
वर्तमान में कुल 56 स्कैनिया बसों का संचालन हो रहा है। इससे निगम को काफी घाटा हो रहा है। इन बसों का संचालन वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। कोरोना काल में करीब 11 माह तक खड़ी रहने के बाद फरवरी 2021 में संचालन फिर शुरू हुआ था। इसके बाद छह अप्रैल को लखनऊ व गाजियाबाद परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधकों को अनुबंध समाप्त करने का नोटिस भेज दिया गया। सूत्रों का कहना है कि स्कैनिया बस मालिक अभी तक इसकी कीमत का कर्ज नहीं चुका सके है। एक बस की कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये है।
कहां से कितनी स्कैनिया बसें
लखनऊ 28
गाजियाबाद 24
आगरा 4
सुपर लग्जरी बस सेवा पर भारी पड़ा घाटा
सुपर लग्जरी बस स्कैनिया से हो रहे घाटे को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरएसटी) ने इन्हें अपने बेड़े से हटाने का फैसला किया है। अभी कुल 56 स्कैनिया बसों का संचालन हो रहा है। निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक रवींद्र नायक ने निजी ऑपरेटरों को कमाई होने का वायदा करके इन बसों को अनुबंध पर संचालन करने के लिए तैयार किया था। इनका संचालन वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। इसके लिए पहला अनुबंध 6 साल के लिए किया गया था।
विज्ञापन
स्कैनिया का किराया अधिक होने से नुकसान
यूपीएसआरएसटी ने स्कैनिया बसों का किराया सबसे अधिक तय कर रखा है। दूसरी ओर इसके संचालन से पहले और बाद में कम किराए की जनरथ बसों का समय तय कर दी। नतीजतन यात्रियों ने स्कैनिया की बजाय जनरथ में सफर करना पसंद किया। वहीं, डग्गामार बसों का किराया सबसे कम होने से भी निगम को नुकसान हुआ। ऐसे में निगम अगर स्कैनिया का किराया कम कर दे फायदा होना शुरू हो जाएगा।
- अजीत सिंह, प्रांतीय महामंत्री, उत्तर प्रदेश अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन
परिवहन निगम के अनुबंध नियम के तहत प्रबंधन ने स्कैनिया बसों को हटाने का निर्णय लिया है।
- आशुतोष गौड़, प्रधान प्रबंधक (संचालन), यूपीएसआरटीसी
विज्ञापन
वर्तमान में कुल 56 स्कैनिया बसों का संचालन हो रहा है। इससे निगम को काफी घाटा हो रहा है। इन बसों का संचालन वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। कोरोना काल में करीब 11 माह तक खड़ी रहने के बाद फरवरी 2021 में संचालन फिर शुरू हुआ था। इसके बाद छह अप्रैल को लखनऊ व गाजियाबाद परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधकों को अनुबंध समाप्त करने का नोटिस भेज दिया गया। सूत्रों का कहना है कि स्कैनिया बस मालिक अभी तक इसकी कीमत का कर्ज नहीं चुका सके है। एक बस की कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
कहां से कितनी स्कैनिया बसें
लखनऊ 28
गाजियाबाद 24
आगरा 4
सुपर लग्जरी बस सेवा पर भारी पड़ा घाटा
सुपर लग्जरी बस स्कैनिया से हो रहे घाटे को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरएसटी) ने इन्हें अपने बेड़े से हटाने का फैसला किया है। अभी कुल 56 स्कैनिया बसों का संचालन हो रहा है। निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक रवींद्र नायक ने निजी ऑपरेटरों को कमाई होने का वायदा करके इन बसों को अनुबंध पर संचालन करने के लिए तैयार किया था। इनका संचालन वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। इसके लिए पहला अनुबंध 6 साल के लिए किया गया था।
विज्ञापन
स्कैनिया का किराया अधिक होने से नुकसान
यूपीएसआरएसटी ने स्कैनिया बसों का किराया सबसे अधिक तय कर रखा है। दूसरी ओर इसके संचालन से पहले और बाद में कम किराए की जनरथ बसों का समय तय कर दी। नतीजतन यात्रियों ने स्कैनिया की बजाय जनरथ में सफर करना पसंद किया। वहीं, डग्गामार बसों का किराया सबसे कम होने से भी निगम को नुकसान हुआ। ऐसे में निगम अगर स्कैनिया का किराया कम कर दे फायदा होना शुरू हो जाएगा।
- अजीत सिंह, प्रांतीय महामंत्री, उत्तर प्रदेश अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन
परिवहन निगम के अनुबंध नियम के तहत प्रबंधन ने स्कैनिया बसों को हटाने का निर्णय लिया है।
- आशुतोष गौड़, प्रधान प्रबंधक (संचालन), यूपीएसआरटीसी