ऑटो-सिटी बसों तक पहुंचेगी 1090
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अब वीमन पावर लाइन 1090 ऑटो और सिटी बसों तक पहुंचेगी। सभी को हेल्पलाइन नंबर लिखकर उसका प्रचार करना होगा।
साथ ही आम जनता की सुरक्षा से जुड़े पुलिस और फायर समेत अन्य हेल्पलाइन नंबर भी ऑटो और बसों पर लिखने होंगे। आम आदमी की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।
जनता जागरूक होगी और पुलिस सक्रिय रहेगी तो काफी हद तक समस्या का समाधान किया जा सकता है। हमारी कोशिश यही है कि अधिक से अधिक जनता को जागरूक किया जाए।
सिटी बस और ऑटो पर कई तरह के निजी विज्ञापन छपे होते हैं। ऐसे में सुरक्षा से जुड़े नंबर लिखने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। ऐसे जरूरी नंबर लिखवाए जाएंगे।
सभी ऑटो और बसों पर पुलिस कंट्रोल रूम का 100 नंबर और फायर हेल्पलाइन नंबर 1073 भी लिखना अनिवार्य होगा।
अभियान चलाकर हम इन नंबरों को लिखवाएंगे। चौराहों पर तो ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी रहती ही है।
अब हमने उनसे कहा है कि वहां ड्यूटी करें, लेकिन आसपास राउंड भी करें। रैंडम पेट्रोलिंग करने के लिए उन्हें निर्देश दिए गए हैं।
शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए सिर्फ चालान काटने से ही काम नहीं चलेगा। हम अपने सीओ और टीआई तक को इस तरह का प्रशिक्षण दे रहे हैं कि वे खुद जनता के साथ ठीक से पेश आएं।
चालान काटने के साथ ही जनता को बताएं कि अगली बार इसकी जरूरत न पड़े। लोगों को यह भी बताएंगे कि हेलमेट लगाना खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है। आम जनता से भी अपेक्षा है कि वह सहयोग करे। नियमों का पालन करे।
खासकर अभिभावकों को देखना चाहिए कि कहीं उनका बच्चा बिना हेलमेट के तो नहीं निकल रहा है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वाहन न दें।
लाल-नीली बत्ती के खिलाफ लगातार अभियान चल ही रहा है। कोर्ट के जो भी निर्देश हैं, उनका पालन कराया जाएगा। यूं भी हम अवैध लाल-नीली बत्ती के खिलाफ अभियान चलाते रहेंगे।
15 आदर्श चौराहे बनाएंगे
हजरतगंज और कुछ चौराहों पर मुस्तैदी दिखती है। वह तो होनी ही चाहिए। वहां भी अभी और सुधार की जरूरत है। हमने जो योजना बनाई है, उसके मुताबिक सबसे पहले शहर के 15 चौराहों को आदर्श बनाएंगे।
जब इन्हें पूरी तरह दुरुस्त कर लेंगे तो फिर अगले चरण में 45 और फिर 75 चौराहों को सुधारेंगे। इतने चौराहे यदि दुरुस्त कर दिए गए और पुलिस की सक्रियता बढ़ जाए तो पूरा शहर खुद ही ठीक हो जाएगा। लोग समझने लगेंगे कि नियमों का पालन करना जरूरी है।
सिग्नल सुधरेंगे तो बनेगी बात
जो सिग्नल लगे थे, उनमें आधे से ज्यादा खराब हैं। हर चौराहे पर सिग्नल का दुरुस्त होना बहुत जरूरी है। सिग्नल नगर निगम लगवाता है। फिर भी हमने इसके लिए पहल की है।
अभी कुल 40 सिग्नल लगे हैं। ये दो कंपनियों ने लगवाए हैं। हमने नगर निगम के अलावा कंपनियों को भी इसके लिए लिखा है। शहर में कुल 94 स्थानों पर नए सिग्नल का प्रस्ताव भी भेजा है। इसके लिए हम लगातार पैरवी भी करेंगे।