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अगली गर्मियों में नहीं रुलाएगी बिजली

Sun, 22 Sep 2013 10:41 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Sun, 22 Sep 2013 10:41 AM IST
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shameem ahamad in lucknow club

शमीम अहमद, मुख्य अभियंता लेसा

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अगली गर्मियों में बिजली राजधानी वालों को रुलाएगी नहीं। राजधानी की बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए 170 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस रकम से 22 डिवीजन के जर्जर तारों, पोल को बदला जाएगा।

लोड से दबे ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। कमर्शियल इलाकों में नए बिजली घर बनाए जाएंगे। यह रकम व्यापार विकास निधि से खर्च की जाएगी। अक्तूबर से इस पर काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि इसके बाद बिजली व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।

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अक्तूबर से 20 गांवों में शुरू होगा विद्युतीकरण

डॉ राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत राजधानी के 20 गांवों में अक्तूबर से विद्युतीकरण का काम शुरू होगा। इससे मलिहाबाद, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, गोसाईगंज और बीकेटी के हजारों लोगों तक बिजली पहुंचेगी।
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शहर के बाहरी इलाकों के लिए लेसा की तरफ से मोबाइल वैन भी शुरू की गई हैं। अभी दो वैन मिली हैं जल्द ही तीन और आ जाएंगी। ये वैन बिल जेनरेटर, पैसा जमा करने जैसी सुविधाओं से लैस है। इसमें लेसा का एक अधिकारी भी मौजूद रहेगा जो बिल रिवीजन का काम देखेगा।

नहीं होगी सर्वर डाउन की समस्या
ऑन लाइन बिलिंग का काम ट्यूलिप कंपनी देख रही है। कंपनी की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण कई समस्याएं आ रही हैं। अगर केबिल खराब हो जाती है तो कंपनी उसे जल्दी ठीक नहीं करा पाती है।

इसे देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। यह व्यवस्था 15 अक्तूबर के बाद से शुरू हो जाएगी। एयरटेल कंपनी से बात हो गई है। यह ट्यूलिप के पैरेलल काम करेगी। जैसे ही ट्यूलिप का सर्वर डाउन होगा ऑन लाइन व्यवस्था एयरटेल के सर्वर से जुड़ जाएगी।

मानता हूं कुछ कमियां दूर नहीं हो रही
अक्सर देर रात में अधिकारियों और बिजलीकर्मियों द्वारा उपभोक्ताओं के फोन न उठाने की शिकायतें मिलती हैं। कई बार उनके व्यवहार को लेकर हंगामा होने के मामले भी आते हैं। इन कमियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।


अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेंड किया जा रहा है। रात में उनके फोन मिलाकर चेक किया जा रहा है कि वे फोन उठाते हैं या नहीं। बिजली चोरी भी एक बड़ी समस्या है।

फाइनेंशियल रिव्यू प्रोग्राम के तहत इस समस्या से निपटने की रणनीति बनाई जा रही है। बिजली चोरी के इलाकों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।

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