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नदियों में समा रहे मकान, सामान बांध रहे किसान

Fri, 28 Aug 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Fri, 28 Aug 2015 11:45 PM IST
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Rivers are delighted houses , packing Farmer
 लोग अपने सामानों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने में जुट गए। सूचना के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, इससे पीड़ितों में आक्रोश है।
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विगत दो सप्ताह से गंगा कृषि योग्य भूमि को निगल रही है। शुक्रवार की सुबह गंगा ने चौबेछपरा गांव की ओर रूख किया। इसके बाद गंगा ने पहला निशाना चौबेछपरा संतोष कुमार मिश्र के घर को बनाया। देखते ही देखते गंगा ने राजनारायण मिश्र और राजकिशोर मिश्र के मकान को निगल लिया। आसपास के लोगों की मदद से अपने सामानों को सुरक्षित ठौर देने में जुट गए।  जगपति पासवान, लालजी पासवान, हरीनाथ पासवान, सुदामा मिश्र, अभिराम पासवान, सुदर्शन पासवान, अमर नाथ मिश्र, कमला मिश्र, सुनील मिश्र, रवींद्र मिश्र, शशि मिश्र आदि अपने घरों को उजाड़ने में लगे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल किसी न किसी गांव का अस्तित्व मिटता जा रहा है और वह एनएच-31 पर शरण लेने के लिए बाध्य हो जा रहा है।
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