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दीपावली तक शहर में दौड़ेगी रेडियो टैक्सी
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 01 Sep 2013 12:35 PM IST
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सितंबर के पहले सप्ताह में राजधानी लखनऊ समेत 13 नगर निगमों में सरकारी रेडियो टैक्सी लॉन्च कर दी जाएगी।
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लखनऊ में दीपावली तक रेडियो टैक्सी सड़क पर दौड़ती दिखाई देंगी। मेरा मानना है कि रेडियो टैक्सी आवागमन का उपयुक्त साधन बनेगा। इसमें महिलाओं और वृद्धों की सुरक्षा के साथ ही उनकी सहूलियत का भी ध्यान रखा जाएगा।
अभी लखनऊ में जो रेडियो टैक्सी दौड़ रही हैं उन्हें रेडियो टैक्सी का परमिट नहीं है। ये एक एनजीओ द्वारा चलाई जा रही हैं। सरकार जो रेडियो टैक्सी लाएगी उनका किराया अपेक्षाकृत काफी कम होगा।
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ये रेडियो टैक्सी जीपीएस सिस्टम समेत अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। इनका एक कंट्रोल रूम भी बनेगा जहां से उन पर नजर रखी जाएगी।
जल्द मिलेगी ऑनलाइन टैक्स भरने की सुविधा
आरटीओ दफ्तर में हजारों लोग रोजाना टैक्स जमा करने के लिए चक्कर लगाते हैं। मैंने परिवहन आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले इस भीड़ को कम करने की दिशा में काम शुरू किया।
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मैंने यहां एनआईसी के अफसरों से बात की और उन्हें ऐसा साफ्टवेयर तैयार करने के लिए कहा जिसमें ऑनलाइन टैक्स जमा किया जा सके। यहां एनआईसी के अधिकारियों ने काम के दबाव के चलते विशेष रुचि नहीं दिखाई।
इसके बाद मैंने दिल्ली में एनआईसी के डीजी से इस संबंध में मुलाकात की और अपने प्रस्ताव के बारे में बताया। उन्होंने मदद के लिए कुछ एक्सपर्ट दिए।
मेरी एसबीआई के अधिकारियों से भी बात हुई। यह प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है। मंजूरी के लिए वित्त विभाग के पास है। इस योजना की शुरुआत सबसे पहले लखनऊ से होगी। इस सिस्टम से आरटीओ दफ्तर में करीब 60 प्रतिशत भीड़ कम हो जाएगी। लोग घर बैठे अपना टैक्स अदा कर पाएंगे।
रोड सेफ्टी फंड से रोकेंगे सड़क हादसे
सड़क हादसों को रोकने के लिए रोड सेफ्टी फंड बनाया जाएगा। इस फंड में कम्पाउंडिंग फीस और पुलिस द्वारा वसूले गए जुर्मानों के जरिए रकम जुटाई जाएगी।
ब्लैक स्पॉटस को चिन्हित कर यह देखा जाएगा कि वहां किस तरह के निर्माण से सड़क हादसों को रोका जा सकता है। उसका प्रस्ताव हाईपावर रोड सेफ्टी कमेटी के समक्ष पेश किया जाएगा।
कमेटी से निर्माण कार्य को मंजूरी मिलने के बाद रोड सेफ्टी फंड से डीएम के जरिए रकम जारी की जाएगी। हाई पावर कमेटी निर्माण कार्यों की मानीटरिंग भी करेगी। इसके अलावा सड़क हादसों को कम करने के लिए परिवहन मंत्री के नेतृत्व में समिति बनी है।
रोकेंगे डग्गामारी
वाहनों का अवैध संचालन एक बड़ी समस्या है। इससे सड़क हादसे और दूसरी अराजकता होती हैं। अभी तक प्रभावी तरीके से कार्रवाई नहीं हो रही थी।
मैंने अवैध संचालन करने वालों के खिलाफ धारा 83 के तहत उनका परमिट निरस्त करने और धारा 53 के तहत रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कराई। इसका प्रभाव दिख रहा है।
इसके अलावा आरटीओ को निर्देश दिया है कि वे पुलिस का सहयोग लें। क्योंकि हमारे पास प्रवर्तन के लिए मैनपॉवर की कमी है। बिना पुलिस के सहयोग के वाहनों का अवैध संचालन रुकना संभव नहीं है।
स्कूल वाहनों के हादसों पर भी लगाएंगे लगाम
स्कूल वाहनों के साथ होने वाले हादसों को लेकर खासा गंभीर हूं। उनकी निरंतर चेकिंग कराई जा रही है। जो वाहन ठीक नहीं हैं उनका परमिट रद्द किया जा रहा है।
चालकों के लिए एसएसपी के यहां से चरित्र प्रमाणपत्र देना जरूरी कर दिया गया है। सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों की फिटनेस चेक करने के लिए निजी कंपनियों से बात चल रही है। कंपनियों से बात फाइनल होने के बाद वाहनों की फिटनेस चेकिंग का जिम्मा उन्हें सौंप दिया जाएगा।