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अविवाहित बंदी के गर्भवती मामले की होगी जांच

Mon, 19 Mar 2018 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 19 Mar 2018 11:41 PM IST
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Pregnant case of unmarried captive will be examined
people going to bubmit memorandum - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिला कारागार से लोहिया अस्पताल में भर्ती कराई गई अविवाहित गर्भवती युवती मामले की सीएमओ जांच करेंगे। भाई की हत्या के आरोप में जेल जाने से एक साधु ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। युवती बच्चे को जन्म देना चाहती है, लेकिन बच्चे को अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। अविवाहित युवती के  गर्भवती होने को लेकर डा. जितेंद्र सोशल फ्रंट ने कई सवार उठाए है। संगठन की मांग पर डीएम ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए है।
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जिला कारागार से लोहिया अस्पताल में भर्ती कराई गई अविवाहित गर्भवती युवती थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की रहने वाली है। अगस्त 2017 में युवती के भाई की हत्या हुई थी। मामले में मृतक के पिता की शिकायत पर युवती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वह जेल में निरुद्ध है। अस्पताल में भर्ती युवती ने बताया कि भाई की हत्या की घटना से कुछ दिन पहले वह गंगा स्नान करने पांचालघाट गई थी। वहां पर उसे दौरा पड़ गया। इस दौरान एक साधु उसे इलाज के बहाने ले गया। साधु ने उसके साथ दुष्कर्म कर पांचाल घाट पर छोड़ कर चला गया। अपनी अपनी दादी से आपबीती बताई। युवती का आरोप है कि इसे लेकर उसके पिता और भाई आए दिन उसे प्रताड़ित करने लगे। इस दौरान घर पर भाई ने उसके साथ मारपीट कर दी थी। युवती के साथ आई महिला बंदी रक्षक विमलेश कुमारी ने बताया कि डॉक्टर ने दो तीन दिनों में प्रसव होने का समय दिया है।
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सोशल फ्रंट के संस्थापक डा. जितेंद्र सिंह ने डीएम को ज्ञापन दिया। सवाल उठाया कि युवती के जेल जाने से पूर्व उसका मेडिकल कराया गया था, तब गर्भवती होने का मामला सामने किस कारण नहीं आया। मेडिकल करने वाले डाक्टर और जिला प्रशासन ने इसमें चूक की है। संगठन ने जेल में उसके साथ दुष्कर्म होने की आशंका जताई। आठ माह का गर्भ होने के बाद भी जेल प्रशासन को अभी तक इसकी भनक तक  नहीं लगी। इससे लगता है कि जेल के अंदर युवती के साथ अमानवीय कृत्य हुआ है। डीएम मोनिका रानी ने इस प्रकरण की जांच सीएमओ को सौंप दी है।
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