{"_id":"b4cf106f51c31ab2585510e8ef187360","slug":"only-one-fourth-population-have-the-inverters-in-up-hindi-news-ar","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौथाई आबादी के पास ही है वैकल्पिक इंतजाम","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
चौथाई आबादी के पास ही है वैकल्पिक इंतजाम
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 15 Dec 2014 03:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बिजली कटौती एक बड़ी समस्या है। लेकिन सूबे के जिन 11 शहरों में यह सर्वे किया गया वहां के 77 फीसदी प्रतिभागियों ने बताया कि वे बिजली के लिए किसी वैकल्पिक स्रोत का इस्तेमाल नहीं करते! यानी इन शहरों के सिर्फ एक चौथाई प्रतिभागियों ने ही माना कि वे बिजली चली जाने पर किसी न किसी वैकल्पिक साधन का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
वैकल्पिक साधन के रूप में इन्वर्टर लोगों की पहली पसंद है। इस मामले में मेरठ सबसे आगे है, जहां 64 फीसदी लोगों ने माना कि बिजली चली जाने पर वे इन्वर्टर का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
छोटे शहरों में अलीगढ़ में सर्वाधिक 35 फीसदी लोग इन्वर्टर के भरोसे होते हैं। इन्वर्टर के अलावा सोसाइटी में लगे जनरेटर भी बिजली का स्रोत हैं, हालांकि इसका इस्तेमाल करने वालों की संख्या काफी कम है। संभवतः इसकी बड़ी वजह यह है कि जनरेटर अमूमन ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में ही उपल्बध होते हैं।
विज्ञापन
हैरानी की बात है कि सौर ऊर्जा का वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में काफी प्रचार किया जाता है, लेकिन घरों में इसका इस्तेमाल करने वालों की संख्या नगण्य है। बिजली की सर्वाधिक मार गरीब तबके को भुगतनी पड़ती है। निम्न आय वर्ग के लोगों ने बिजली की स्थिति पर असंतोष जताया।