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सबसे कम उम्र के ज्यूरी मेंबर बने संजीव
राकेश भारद्वाज/ अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Sat, 04 Apr 2015 02:03 PM IST
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कांगड़ा जिले के खनियारा से संबंध रखने वाले निर्देशक संजीव रत्न ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड-2015 में सबसे कम उम्र में ज्यूरी मेंबर बनकर इतिहास रच दिया है।
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नॉन फीचर कैटेगिरी में संजीव रत्न सात सदस्यीय टीम में शामिल रहे। करीब दो दशक से सिनेमा जगत में काम कर रहे संजीव की हिमाचली फिल्म दिले च बसिया कोई को बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट प्रोड्यूसर का अवॉर्ड मिला था।
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हिमाचल की थीम पर ही आधारित हिंदी फिल्म पनचक्की में भी बेस्ट फिल्म और बेस्ट म्यूजिक का अवॉर्ड मिल चुका है। नया चांद फिल्म विदेशों में भी कई फिल्म महोत्सव में कई बार अंतिम चरण तक पहुंचने में कामयाब हुई है।
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इन उपलब्धियों की बदौलत ही वर्ष 2015 नेशनल फिल्म अवॉर्ड के लिए नॉन फीचर कैटेगिरी के लिए ज्यूरी सदस्य चुना गया था। संजीव रत्न ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि वर्ष 2011 में जब उनकी दो फिल्मों को पांच नेशनल अवॉर्ड मिले थे।