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यादों और वादों के साथ विदा हुए एएमयू पूर्व छात्र
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Tue, 20 Oct 2015 02:12 AM IST
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आए थे तो दिल में खुशी और आंखों में चमक थी। लेकिन दस्तूर के मुताबिक जाना भी होगा। आंखे नम होने लगीं थी। तभी पीछे से आवाज आती है नहीं-नहीं जाकर आता हूँ। यह माहौल था एल्युमिनाई मीट के समापन का। दो दिन की हंसी-ठिठोली और संग खाने-पीने के बाद विदा हो गई। लेकिन पीछे छोड़ गए कुछ सौगत और पूरा करने के लिए वायदें।
कैनेडी हॉल में मीट का समापन समारोह आयोजित किया गया था।
पहली बार एएमयू की एल्युमिनाई मीट में दुनियाभर के छह सौ से अधिक पूर्व छात्र और छात्रा जुटे थे। युवा वैज्ञानिक और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार विजेता डॉ राजीव के वार्ष्णेय ने कहा कि दुनिया के दूसरे विवि की तरह एएमयू सिर्फ डिग्री नहीं देता है बल्कि वो तहजीब सिखाता है जो हमें समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदारियों का एहसास कराती है। उनका कहना था कि पुरस्कार पाने से ज्यादा खुशी आज उन्हें इस मीट में शामिल होकर मिली है।
एएमयू वीसी लेफ्टीनेंट जनरल सेवानिवृत जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि मीट में डॉ वार्ष्णेय को बुलाने का मकसद आधुनिक विज्ञान को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि विवि के 99 प्रतिशत शिक्षक और छात्र कर्मठता के साथ काम और पढ़ाई कर रहे हैं। इसीलिए विवि दुनिया में अपना नाम रोशन कर रहा है। किसी भी व्यक्ति को विवि से लूट-खसोट करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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मीट में अमरीका, कनाडा, पाकिस्तान, थाईलैन्ड और खाड़ी देश के पूर्व छात्र फैसल सलीम, शहीर खॉन, प्रोफेसर मुहम्मद अहमद बादशाह, नौशाबा तसनीम, रूकैय्या फारूकी, जरल मालूसीन, अब्दुल हफीज खॉन, फरीद खॉन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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कैनेडी हॉल में मीट का समापन समारोह आयोजित किया गया था।
पहली बार एएमयू की एल्युमिनाई मीट में दुनियाभर के छह सौ से अधिक पूर्व छात्र और छात्रा जुटे थे। युवा वैज्ञानिक और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार विजेता डॉ राजीव के वार्ष्णेय ने कहा कि दुनिया के दूसरे विवि की तरह एएमयू सिर्फ डिग्री नहीं देता है बल्कि वो तहजीब सिखाता है जो हमें समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदारियों का एहसास कराती है। उनका कहना था कि पुरस्कार पाने से ज्यादा खुशी आज उन्हें इस मीट में शामिल होकर मिली है।
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एएमयू वीसी लेफ्टीनेंट जनरल सेवानिवृत जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि मीट में डॉ वार्ष्णेय को बुलाने का मकसद आधुनिक विज्ञान को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि विवि के 99 प्रतिशत शिक्षक और छात्र कर्मठता के साथ काम और पढ़ाई कर रहे हैं। इसीलिए विवि दुनिया में अपना नाम रोशन कर रहा है। किसी भी व्यक्ति को विवि से लूट-खसोट करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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मीट में अमरीका, कनाडा, पाकिस्तान, थाईलैन्ड और खाड़ी देश के पूर्व छात्र फैसल सलीम, शहीर खॉन, प्रोफेसर मुहम्मद अहमद बादशाह, नौशाबा तसनीम, रूकैय्या फारूकी, जरल मालूसीन, अब्दुल हफीज खॉन, फरीद खॉन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।