भारत की पहचान शक्तिशाली देश के रूप में बनी ये सौभाग्य की बात: यूपी विस अध्यक्ष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैश्विक स्तर पर जिस तरह की चुनौतियां है उसका सामना करने के लिए दीनदयाल के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है। दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा लोगों को प्रेरित करते रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दीनदयाल के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। यही कारण है कि भारत की पहचान शक्तिशाली देश के रूप में बनी है। उक्त बातें बीएचयू में दीनदयाल उपाध्याय पीठ की ओर से आयोजित दो दिवसीय विशेष व्याख्यान में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहीं।
पंडित दीनदयाल के विचारों की प्रासंगिकता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य, शिक्षा, राजनीति सभी क्षेत्र में अगर आगे बढ़ना है तो दीनदयाल के विचार को प्रेरणा के रूप में अपनाना होगा। दुनिया में आर्थिक दृष्टि से अराजकता, आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए दीनदयाल के विचारों को बल देना होगा। इस दौरान बीएचयू के रेक्टर प्रो.वीके शुक्ला, प्रो.आरपी पाठक, प्रो.श्याम कार्तिक मिश्रा सहित कई लोग मौजूद रहे।