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‘भारतीय डीएनए विश्व में नंबर वन’
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 02 Dec 2014 05:34 PM IST
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भारतीय डीएनए विश्व में नंबर एक है क्योंकि हमारे पूर्वजों के मस्तिष्क उच्च श्रेणी के थे। उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरके खंडाल ने ये विचार सोमवार को हिंदुस्तान कालेज के सभागार में व्यक्त किए।
कुलपति हिंदुस्तान कालेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सभागार में आयोजित पांच दिवसीय ‘इंस्पायर’ वर्कशॉप के शुभारंभ अवसर पर आए थे।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान स्थान, शिक्षक और सुविधाओं पर ही निर्भर नहीं करता बल्कि यह स्वमानसिक उत्पत्ति का परिणाम है। मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करने बाद प्रो. आरके खंडाल ने बताया कि जब से वे कुलपति पद पर नियुक्त हुए हैं तब से ‘इंस्पायर’ कार्यक्रम को यूपीटीयू के अनेक कालेजों में आरंभ कराया।
संस्थान निदेशक प्रो. आरके उपाध्याय ने कार्यशाला में चयनित विद्यार्थियों को मन लगाकर सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य 11वीं और 12वीं में विज्ञान वर्ग के छात्रों को विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए प्रेरित करना है।
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संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो. वीके शर्मा ने विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में खोज व अनुसंधान की आवश्यकता के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया। शारदा ग्रुप के वाइस चेयरमैन वाईके गुप्ता ने प्रो. आरके खंडाल के द्वारा भारत सरकार को ‘इस्ंपायर’ कार्यक्रम प्रारंभ करने के सुझाव की सराहना की।
कुलपति को संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद भी दिया। इस अवसर पर प्रो. आनंद मोहन, प्रो. हरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. देवव्रत गोस्वामी, डॉ. विक्रमाजीत वसु, डॉ. केएल चोपड़ा, डॉ. उपेंद्र धर और समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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कुलपति हिंदुस्तान कालेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सभागार में आयोजित पांच दिवसीय ‘इंस्पायर’ वर्कशॉप के शुभारंभ अवसर पर आए थे।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान स्थान, शिक्षक और सुविधाओं पर ही निर्भर नहीं करता बल्कि यह स्वमानसिक उत्पत्ति का परिणाम है। मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करने बाद प्रो. आरके खंडाल ने बताया कि जब से वे कुलपति पद पर नियुक्त हुए हैं तब से ‘इंस्पायर’ कार्यक्रम को यूपीटीयू के अनेक कालेजों में आरंभ कराया।
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संस्थान निदेशक प्रो. आरके उपाध्याय ने कार्यशाला में चयनित विद्यार्थियों को मन लगाकर सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य 11वीं और 12वीं में विज्ञान वर्ग के छात्रों को विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए प्रेरित करना है।
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संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो. वीके शर्मा ने विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में खोज व अनुसंधान की आवश्यकता के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया। शारदा ग्रुप के वाइस चेयरमैन वाईके गुप्ता ने प्रो. आरके खंडाल के द्वारा भारत सरकार को ‘इस्ंपायर’ कार्यक्रम प्रारंभ करने के सुझाव की सराहना की।
कुलपति को संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद भी दिया। इस अवसर पर प्रो. आनंद मोहन, प्रो. हरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. देवव्रत गोस्वामी, डॉ. विक्रमाजीत वसु, डॉ. केएल चोपड़ा, डॉ. उपेंद्र धर और समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।