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उत्तराखंड में बाल विवाह पर HC ने केंद्र और राज्य से मांगा जवाब
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:39 AM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
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हाईकोर्ट ने राज्य में बाल विवाह पर रोक लगाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र और राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी चंपा उपाध्याय ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क ने चंपावत और पिथौरागढ़ जिले में जनवरी 2016 में बाल विवाह व महिलाओं की स्थिति का सर्वे किया था।
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सर्वे में यह सामने आया था कि इन दोनों जिलों में 39 फीसदी विवाहित युवतियां 15 से 19 वर्ष की आयु में मां बन जाती हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उनको शिक्षा तक नहीं मिल पाती। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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