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स्थानांतरित बीईओ नहीं छोड़ रहे ब्लाक
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 21 Jun 2015 12:27 AM IST
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शासन ने लंबे समय से जनपद व मंडल में डटे अधिकारी व कर्मचारियों को हटाने के लिए तबादला नीति बनाई है, इसमें मंडल में दस साल और जनपद में छह साल से जमे अधिकारी व कर्मचारियों को स्थानांतरित करने का प्रावधान किया गया है, इसके अंतर्गत सबसे पहले मंडल में दस साल पूरे करने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों को हटाया गया है। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी महरौनी, बार, जखौरा व तालबेहट को दूसरे मंडल में भेजा गया। ब्लाक बार में अमेठी की खंड शिक्षा अधिकारी अनुराधा मौर्य को स्थानांतरित किया गया है, हालांकि उन्होंने यहां ज्वाइन नहीं किया है। इसी तरह जिले के चार स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारी अपने- अपने ब्लाक में डटे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारियों को जिले के अधिकारियों का सहयोग मिल रहा है, जिससे स्थानांतरित नीति पर अमल नहीं हो पा रहा है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारियों ने मनमानी शुरू कर दी है। तमाम विभागीय सूचनाएं जनपद मुख्यालय नहीं मिल पा रही हैं। जहां मिड डे मील मेल को गत सत्र के उपभोग प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं, वहीं वित्त एवं लेखाधिकारी को न्यू पेंशन स्कीम का ब्योरा नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा गलत चयन वेतनमान का लाभ पा रहे शिक्षकों का चिह्नींकरण महीनों से लटका पड़ा है। कई जनसूचना के अधिकार की सूचनाएं भी अटकी हुई हैं। बुद्घिजीवियों का कहना है कि यदि तबादला नीति का अक्षरश: पालन हो जाए तो विभाग में अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा।