बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

जनप्रतिनिधियों ने किया डीजी हेल्थ का घेराव

ब्यूरो/चंपावत Updated Sun, 05 Apr 2015 10:31 PM IST
विज्ञापन
Flanked by representatives of DG Health

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
पीपीपी मोड संचालित अस्पताल में हो रही अव्यवस्थाओं पर रविवार को लोगों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने विधायक पूरन सिंह फर्त्याल समेत जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में क्षेत्र के दौरे पर आए चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक डा. गौरीशंकर जोशी का घेराव किया। लोगों का कहना था कि अस्पताल की व्यवस्थाएं पीपीपी मोड में जाने के बाद से स्थिति सुधरने के बजाए बिगड़ी है। न तो अस्पताल में मानक के अनुसार डाक्टर हैं और न ही व्यवस्थाएं। अस्पताल में डेढ़ साल में 12 से ज्यादा प्रबंधक बदले जा चुके हैं।
विज्ञापन


डीजी डा. जोशी ने भी स्वीकारा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं। इसके बाद डीजी ने अस्पताल प्रबंधन की जमकर क्लास ली। डीजी ने लोगों को आश्वासन दिया कि 15 दिन में अस्पताल की व्यवस्ाि सुधार ली जाएंगी। बावजूद इसके क्षेत्रीय लोगों ने छह अप्रैल को अस्पताल में तालाबंदी का निर्णय लिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सचिन जोशी ने कहा कि सोमवार सुबह अस्पताल में तालाबंदी की जाएगी। ताला तभी खोला जाएगा जब अस्थि रोग विशेषज्ञ सहित अन्य डाक्टर यहां आएंगे। अस्पताल के प्रबंधक संजय सेनी का कहना था बाल रोग विशेषज्ञ ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। जल्द ही अन्य डाक्टर भी यहां आएंगे। विधायक फर्त्याल का कहना है कि अब वायदाखिलाफी किए जाने पर वे स्वयं जनांदोलन का नेतृत्व करेंगे। घेराव करने वालों में बाराकोट के प्रमुख निर्मल माहरा, सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद वर्मा, नवीन बोहरा, सुरेंद्र बोहरा, हेम राय, महेंद्र अधिकारी, सुंदर लुंठी, राकेश बोहरा आदि शामिल थे।


चंपावत जिले में जल्द होगी 12 डाक्टरों की तैनाती
लोहाघाट (चंपावत)। डीजी हेल्थ डा. गौरीशंकर जोशी ने बताया कि चंपावत जिले में 17 डाक्टरों की तैनाती की जा चुकी है। शीघ्र ही 12 डाक्टरों की और नियुक्ति का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने फिलहाल लोहाघाट में ट्रामा सेंटर के संचालन में अपनी असमर्थता व्यक्त की करते हुए कहा कि इसमें विशेषज्ञ डाक्टरों का अभाव सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। डीजी हेल्थ ने बताया कि लोहाघाट में पीपीपी मोड संचालित अस्पताल प्रबंधन को 25 अप्रैल तक व्यवस्थाएं सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया है। इस संबंध में उनकी शील अस्पताल प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। उन्होंने बताया कि यहां नियुक्त पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी अस्पताल प्रबंधन का सहयोग नहीं कर रहे हैं। जिन्हें तत्काल हटाने के निर्देश जारी किए हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us