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MP News: मुआवजे की मांग को लेकर हाईटेंशन टावर में चढ़े किसान, 10 वर्ष बीतने के बाद भी नहीं मिला हर्जाना
Tue, 15 Nov 2022 03:12 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 15 Nov 2022 03:12 PM IST
सार
सतना जिले में पावरग्रिड कंपनी से मुआवजे की मांग को लेकर किसान हाईटेंशन लाइन पर चढ़ गए। किसान बीते 10 वर्षों से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या नहीं सुलझी।
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मुआवजे की मांग को लेकर हाईटेंशन लाइन में चढ़े किसान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सतना जिले के उचेहरा थाना अंतर्गत अतरवेदिया गांव में पावरग्रिड कंपनी से मुआवजे की मांग को लेकर करीब आधा दर्जन ग्रमीण हाईटेंशन टावर में चढ़ गए। किसानों का आरोप है कि उनके खेत में टावर लगाए कई साल बीत गए हैं पर अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। किसानों को कहना है कि जब तक उन्हें लिखित आदेश नहीं मिलता वह टावर पर ही चढ़े रहेंगे।
दरअसल किसान पिछले दस वर्षों से मुआवजे की मांग पर अड़े हैं, लेकिन इनकी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया, किसानों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय ने मुआवजे की दर भी निर्धारित की इसके बावजूद समस्या का निदान आज तक नहीं हो पाया। परेशान किसान पावरग्रिड से मुआवजे की मांग को लेकर टावर पर चढ़कर धरना दे रहे हैं। आधा दर्जन किसान टावर में मचान बनाकर जान जोखिम में डालकर चढ़े हुए हैं, हाईटेंशन लाइन चालू हैं, विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी किसान भी टावर पर चढ़े हुए हैं और मुआवजे की मांग कर रहे। किसानों ने मांग पूरी होने तक प्रदर्शन करने की बात कही है।
बता दें, इसके पहले भी इन गांवों के किसानों ने 15 दिन तक टावर में चढ़कर प्रदर्शन किया था, और जिला प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका, पिथौरावाद में पांच किसान एक ही टावर पर चढ़कर धरना दे रहे हैं। रामनाथ कोल, मातादीन कोल, रजीनश कुशवाह, शिव कुशवाहा, धर्मेंद्र कुशवाहा नाम के किसान का कहना है कि जबतक मांगे पूरी नहीं होगी तब तक टावर से नीचे नहीं आएंगे।
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दरअसल किसान पिछले दस वर्षों से मुआवजे की मांग पर अड़े हैं, लेकिन इनकी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया, किसानों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय ने मुआवजे की दर भी निर्धारित की इसके बावजूद समस्या का निदान आज तक नहीं हो पाया। परेशान किसान पावरग्रिड से मुआवजे की मांग को लेकर टावर पर चढ़कर धरना दे रहे हैं। आधा दर्जन किसान टावर में मचान बनाकर जान जोखिम में डालकर चढ़े हुए हैं, हाईटेंशन लाइन चालू हैं, विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी किसान भी टावर पर चढ़े हुए हैं और मुआवजे की मांग कर रहे। किसानों ने मांग पूरी होने तक प्रदर्शन करने की बात कही है।
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बता दें, इसके पहले भी इन गांवों के किसानों ने 15 दिन तक टावर में चढ़कर प्रदर्शन किया था, और जिला प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका, पिथौरावाद में पांच किसान एक ही टावर पर चढ़कर धरना दे रहे हैं। रामनाथ कोल, मातादीन कोल, रजीनश कुशवाह, शिव कुशवाहा, धर्मेंद्र कुशवाहा नाम के किसान का कहना है कि जबतक मांगे पूरी नहीं होगी तब तक टावर से नीचे नहीं आएंगे।
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