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किसान ने खुद को गोली मारकर दी जान
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 11 May 2015 02:17 PM IST
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फसल की बर्बादी के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान विजय सिंह ने डिप्रेशन में आकर शनिवार को खुद को गोली मार ली। उसकी मोत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस प्रशासनिक अफसर भी गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार से जानकारी ली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गांव नगला प्रेम निवासी किसान विजय सिंह उर्फ सुखराम (40) ने शनिवार की दोपहर लगभग एक बजे घर के आंगन में खुद को तमंचे से गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवारीजन आंगन में पहुंचे तो सुखराम खून से लथपथ पड़े थे। परिवारीजन संजय प्लेस स्थित अस्पताल में लेकर पहुंचे, लेकिन डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घरवालों ने बताया कि सुखराम ने 30 बीघा खेत में आलू की फसल की थी। 20 बीघा खेत भेज (किराये) पर लिया था। उस पर बैंक और साहूकारों का तकरीबन सात लाख रुपये का कर्ज था। बारिश से आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। उन्हें बेटी की शादी भी करनी थी। फसल चौपट होेने के बाद कर्जदारों का तगादा शुरू हो गया था। इससे वह कई दिनों से डिप्रेशन में थे।
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम जेपी सिंह, सीओ अखिलेश भदौरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलवाने का आश्वासन दिया। विधायक डा. धर्मपाल सिंह भी गांव पहुंचे।
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बेटी के हाथ पीले न कर सका
विजय अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना चाहते थे। रिश्ता तो तय कर दिया था, लेकिन शादी की तारीख तय होनी बाकी थी। बेटी बीए में पढ़ रही है। लाड़ली बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही इस दुनिया से विदा हो गया। विजय की मां अपने बुढ़ापे को कोसते हुए फूट-फूट कर रो रहीं थीं। वहीं पत्नी और बेटी मोनिका, बेटा अनिल एवं विष्णु के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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गांव नगला प्रेम निवासी किसान विजय सिंह उर्फ सुखराम (40) ने शनिवार की दोपहर लगभग एक बजे घर के आंगन में खुद को तमंचे से गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवारीजन आंगन में पहुंचे तो सुखराम खून से लथपथ पड़े थे। परिवारीजन संजय प्लेस स्थित अस्पताल में लेकर पहुंचे, लेकिन डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घरवालों ने बताया कि सुखराम ने 30 बीघा खेत में आलू की फसल की थी। 20 बीघा खेत भेज (किराये) पर लिया था। उस पर बैंक और साहूकारों का तकरीबन सात लाख रुपये का कर्ज था। बारिश से आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। उन्हें बेटी की शादी भी करनी थी। फसल चौपट होेने के बाद कर्जदारों का तगादा शुरू हो गया था। इससे वह कई दिनों से डिप्रेशन में थे।
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घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम जेपी सिंह, सीओ अखिलेश भदौरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलवाने का आश्वासन दिया। विधायक डा. धर्मपाल सिंह भी गांव पहुंचे।
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बेटी के हाथ पीले न कर सका
विजय अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना चाहते थे। रिश्ता तो तय कर दिया था, लेकिन शादी की तारीख तय होनी बाकी थी। बेटी बीए में पढ़ रही है। लाड़ली बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही इस दुनिया से विदा हो गया। विजय की मां अपने बुढ़ापे को कोसते हुए फूट-फूट कर रो रहीं थीं। वहीं पत्नी और बेटी मोनिका, बेटा अनिल एवं विष्णु के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।