फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   esis doctors pension case

Exclusive: सरकारी डॉक्टरों ने लगाए पेंशन संचालक पर गंभीर आरोप, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं दे रहे पेंशन

Sat, 17 Feb 2024 09:45 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sat, 17 Feb 2024 09:45 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा सेवा करने वाले डॉक्टरों को परेशान किया गया, तुरंत दें पेंशन, संचालक बोले मुझे आदेश की जानकारी नहीं 
 

विज्ञापन
esis doctors pension case
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं दी ESIS के डॉक्टरों की पेंशन - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

वर्षों तक सरकार और समाज की सेवा करने वाले डॉक्टर पेंशन पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। डॉक्टरों की कमी से जूझ रही प्रदेश सरकार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। मामला इंदौर के ईएसआईएस के सरकारी डॉक्टरों की पेंशन से जुड़ा है। इंदौर के सरकारी डॉक्टरों ने इस मामले में पेंशन संचालक पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पेंशन नहीं दिया जाना समझ से परे है। इसके पहले भी जो आपत्ति लगाई गई थी वो सभी गलत थी। पेंशन संचालक अनावश्यक परेशान कर रहे हैं। 
विज्ञापन


डॉक्टरों ने लगाए गंभीर आरोप
इंदौर और प्रदेश के पेंशन कार्यालय पर इस मामले में आरोप लग रहे हैं। कर्मचारी राज्य बीमा सेवा मप्र (ईएसआईएस) के इंदौर में पदस्थ रहे सेवानिवृत्त डॉक्टरों ने यह आरोप लगाए हैं। इनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से हमारे पेंशन प्रकरण कई तरह की आपत्तियां लगाकर अटका रखे हैं। जैसे-जैसे डॉक्टर रिटायर हो रहे हैं, उनके प्रकरणों में भी अनावश्यक प्रकार की आपत्ति लगाकर उन्हें उनके सेवानिवृत्ति अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। वर्तमान में ऐसे करीब 8-10 डाक्टर हैं जिनके प्रकरण दो तीन साल से लंबित हैं। पूरे मध्य प्रदेश में किसी भी और स्थान पर ईएसआईएस के किसी भी डॉक्टर की पेंशन स्वीकृति में कोई अवरोध नहीं आ रहे हैं, पर इंदौर के ही संभागीय पेंशन कार्यालय द्वारा अनावश्यक आपत्तियां लेकर पेंशन प्रकरण स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। 
विज्ञापन


इनकी रुकी पेंशन
डॉ सुलभा डाकवाले, डॉ दुर्गेश राठी, डॉ सुभाष बारोड, डॉ संजीव नाईक, डॉ निर्मला बंगेरिया, डॉ माहिम वैद्य, डॉ चेतन महर्षि

सभी डॉक्टरों की योग्यता समान, कुछ की पेंशन रोकी कुछ की जारी की 
डॉ बीएल बंगेरिया, डॉ विजय प्रधान, डॉ मनोज बिडवान को पेंशन मिली है जबकि इन चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य अहर्ताएं जिनकी पेंशन रुकी हैं उनके बिल्कुल समान हैं। इस पूरे कार्यकाल में संभागीय पेंशन अधिकारी ओपी बागड़ी थे जिन्होंने कुछ चिकित्सकों की पेशन रोक दी, वहीं कुछ चिकित्सकों की पेंशन जारी की। ओपी बागड़ी अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएस लेबर ने भी लिखा पत्र
इस मामले में पीएस लेबर ने पेंशन संचालक भोपाल को 12 जनवरी को पत्र लिखा है कि हाईकोर्ट के आदेश के परिपेक्ष्य में डाक्टरों को पेंशन जारी करने का आदेश संभागीय पेंशन अधिकारी इंदौर को दें। अन्यथा विभाग को अवमानना का सामना करना पड़ेगा। 

हईकोर्ट ने कहा सभी आपत्ति आधारहीन, पेंशन संचालक पर लगाई कास्ट
एक दो चिकित्सकों को तो उच्च न्यायालय द्वारा आदेशित किए जाने के बाद भी संभागीय पेंशन अधिकारी द्वारा पेंशन भुगतान आदेश जारी नहीं किए गए हैं। हाई कोर्ट द्वारा संभागीय पेशन अधिकारी और संचालक पेंशन भोपाल पर अनावश्यक आपत्तियों द्वारा परेशान करने के कारण, कास्ट भी लगाई है। 


साठगांठ के चलते रोक रहे पेंशन 
इन सभी डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में संचालक कर्मचारी राज्य बीमा सेवा एवं प्रमुख सचिव श्रम विभाग द्वारा भी संचालक पेंशन भोपाल को 12/01/2024 को समस्त नियमों, वस्तु स्थिति व तथ्यों से अवगत करा दिया गया है। इस पत्र में संचालक पेंशन भोपाल को हाई कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया है और हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना की स्थिति बनने के पूर्व, संचालक पेंशन भोपाल को शीघ्र निराकरण के लिए संभागीय पेंशन अधिकारी इंदौर को निर्देश जारी करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद पेंशन जारी नहीं की जा रही है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि संभागीय पेंशन कार्यालय को संचालक पेंशन भोपाल का भी प्रश्रय प्राप्त है एवं इनकी सांठ गांठ के चलते ही डॉक्टरों के पेंशन प्रकरण अनावश्यक रूप से अटकाए जा रहे हैं।

क्या बोले जिम्मेदार
आप मुझे सभी कागज भिजवा दीजिए मैं जांच करवाता हूं। यदि डॉक्टरों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। 
- एपी सिंह, प्रमुख सचिव, मप्र शासन 

मुझे हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। यदि आदेश आ गया है तो मैं दिखवाता हूं। 
- जेके शर्मा संचालक पेंशन भविष्य निधि एवं बीमा मप्र भोपाल
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed