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चंडीगढ़ पुलिस देशभर में बेस्ट में शुमार...

Wed, 11 Dec 2013 10:19 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 11 Dec 2013 10:19 PM IST
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Dr. Sukhchain Singh : new SSP of UT Chandigarh

हेडक्वार्टर के स्टाफ घर जाने की तैयारी में थे, तभी सूचना आई कि नए एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ज्वाइन करने आए हैं।

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माहौल बदला और हलचल शुरू हो गई। हेडक्वार्टर में एसएसपी नौनिहाल सिंह रिलीव होने के लिए मौजूद थे। 15 मिनट बाद नौनिहाल सिंह ने एसएसपी डा. गिल को चार्ज दिया और रवाना हो गए।

डॉ. सुखचैन सिंह गिल इससे पहले होशियारपुर और लुधियाना के भी एसएसपी रह चुके हैं। चंडीगढ़ ज्वाइन करने से पहले वह होशियारपुर के एसएसपी थे।

चंडीगढ़ में एसएसपी का पदभार संभालने के बाद डा. गिल ने अमर उजाला से बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं। पेश है कुछ अहम सवाल-जवाब...
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सवाल : आपकी प्राथमिकता क्या होगी?
एसएसपी : हमारी कोशिश होगी कि मैं आम से लेकर खास तक हर एक के लिए मौजूद रहूं, क्योंकि हर शिकायतकर्ता चाहता है कि वह एसएसपी के पास अपनी बात रखे और जब कोई अधिकारी किसी शिकायतकर्ता की बात ध्यान से सुन लेता है तो शिकायतकर्ता 90 प्रतिशत संतुष्ट हो जाते हैं।
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जब कोई शिकायतकर्ता मिलने आता है तो वह अपने इलाके की भी जानकारी देता है। मेरा पुराना अनुभव रहा है कि ज्यादा से ज्यादा पब्लिक से मिलने के क्या फायदे होते हैं। पब्लिक से मिलकर व्यवस्था सुधार का स्कोप ज्यादा रहता है।

सवाल : अनसुलझे मामलों को किस तरह सुलझाएंगे?
एसएसपी : अभी मुझे पलसौरा बेबी मर्डर केस के बारे में पता है। आने से पहले ही मैंने इस केस की जांच को जानने का प्रयास किया। पहले इस मामले को सुलझाने का प्रयास करूंगा।

इसके बाद जितने भी गंभीर आपराधिक मामले अनसुलझे हैं, उनसे संबंधित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों से मिलकर प्राथमिकता तय की जाएगी।

पुराने मामलों की जानकारी के लिए शहर के पूर्व एसएसपी की मदद की जरूरत होगी तो समय-समय पर मदद ली जाएगी। वैसे भी नौनिहाल सिंह हमारे सीनियर अधिकारी हैं।

सवाल : आपने एमबीबीएस की भी पढ़ाई की है और अब पुलिस विभाग में सेवा दे रहे हैं। कौन सा प्रोफेशन ज्यादा अच्छा लगा?
एसएसपी : डाक्टर और पुलिस दोनों ही प्रोफेशन एक समान हैं। पुलिस सामाजिक बुराई दूर करती है तो डाक्टर बीमारियों को।

मेरा पहले से ही प्रशासनिक काम करने की तरफ झुकाव था। हां, एमबीबीएस की भी पढ़ाई की है। इसका फायदा एसएसपी रहते हुए भी मिलता है।

कई बार मामलों की जांच पोस्टमार्टम में ही अटक जाती है। ऐसे में मेडिकल की पढ़ाई का भी फायदा मिलेगा।

सवाल : इस शहर की कितनी जानकारी है?
एसएसपी : यह शहर मेरे लिए नया है और मैं इस शहर के लिए। चंडीगढ़ के बारे में काफी कुछ सुना है। चंडीगढ़ पुलिस देशभर में बेस्ट की लिस्ट में आती है।

चंडीगढ़ पुलिस के पास भरपूर स्रोत है और स्टाफ की कमी नहीं है। यहां के ट्रैफिक नियमों के सख्त होने की जानकारी पंजाब में रहते हुए मिलती रहती थी।

इससे पहले जब भी कभी इस शहर में आया तो सरकारी काम से ही आया। अब जल्द ही पूरे शहर का दौरा करूंगा।

सवाल : कुछ अलग क्या करना चाहेंगे?
एसएसपी : चंडीगढ़ पुलिस काफी हाईटेक है। पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक करके उनकी गुणवत्ता में सुधार कराया जाएगा, क्योंकि अच्छी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे अपराध पर लगाम कसने के लिए काफी फायदेमंद रहते हैं।

लुधियाना में मैंने वीडियो कांफ्रेसिंग की सर्विस शुरू करवाई थी। यहां भी इसे शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों से जुड़े अपराध के लिए सभी थानों में अलग से जुवेनाइल डेस्क का गठन किया जाएगा।


वहीं, नाबालिगों के लापता होने के मामले भी काफी संवेदनशील होते हैं। शहर के लापता हुए नाबालिगों को तलाशकर उनके परिजनों को सौंपने का भी प्रयास किया जाएगा।

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