{"_id":"610c41dce6855e9d14891195cbdd7e9b","slug":"do-you-have-salt-in-your-water-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या आपके पानी में नमक है, तो भोजन में कम लें","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
क्या आपके पानी में नमक है, तो भोजन में कम लें
धर्मेंद्र त्यागी
Updated Sun, 17 May 2015 01:59 AM IST
विज्ञापन
जो पानी आप पी रहे हैं क्या उसमें नमक है? यदि आप खारा पानी पी रहे हैं, तो इसका जवाब हां है। और आप भोजन में भी नमक तेज खाने के शौकीन हैं तो फिर हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप की बीमारी आपसे बहुत दूर नहीं। क्योंकि एसएन मेडिकल कालेज के सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग ने गांव व शहर के चुनिंदा हिस्सों में लंबे शोध के बाद नतीजा निकाला है कि अन्य कारणों के अलावा भोजन में इस्तेमाल किए जा रहे नमक की मात्रा मानक से चार गुना तक ज्यादा होने के कारण 21.20 फीसदी ग्रामीण और 32.90 शहरी हाइपरटेंशन के मरीज हुए। इसमें कुछ विशेषज्ञों की राय और शामिल कर लें तो पीने के पानी में नमक (खारा) का होना भी इस बीमारी का बड़ा कारण हो सकता है। क्योंकि भोजन में यदि मात्रा संतुलित भी हुई तो पानी के जरिए शरीर में पहुंच रहा नमक इसकी अधिकता का कारण बनता है। ऐसे में यदि पानी में नमक हो तो भोजन में इसकी मात्रा कम कर देना ही स्वास्थ्य के लिए श्रेयष्कर होगा।
सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग ने खंदौली और सैंया ब्लाक के सात गांवाें में 1209 लोगों को शोध के लिए चुना। इनमें 30 साल से अधिक उम्र के महिला-पुरुष का अनुपात समान रहा। साल भर के अध्ययन में इनमें 21.20 फीसदी हाइपरटेंशन रोगी मिले। इसमें 14 फीसदी पुरुष थे। 80 प्रतिशत का बीपी 150 से 170 एमएम के बीच तो दो फीसदी का बीपी 190 पार मिला। शोधार्थी डा. विशाल अग्रवाल ने बताया कि 36 प्रतिशत लोगाें में हाइपरटेंशन के प्रारंभिक लक्षण मिले। पड़ताल में पता चला कि हर व्यक्ति 15 से 20 ग्राम प्रतिदिन नमक सिर्फ भोजन के जरिये लेता है। जान लें, डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दिन भर के भोजन में तीन से पांच ग्राम तक नमक का ही इस्तेमाल होना स्वास्थ्यप्रद है।
यहां हर तीसरा व्यक्ति चपेट में
शहर के कमला नगर, अशोक नगर और लोहामंडी क्षेत्र के 670 लोगों पर साल भर हुए अध्ययन में हर तीसरा व्यक्ति हाइपरटेंशन का रोगी मिला। हालांकि इनमें अधिकांश उपचाराधीन हैं। दूसरे शोधार्थी डा. रविंद्र कुमार ने बताया कि 45 फीसदी में प्री-हाइपरटेंशन के लक्षण मिले। पाया गया कि इन लोगों के शरीर में भोजन के अलावा (8 से 15 ग्राम) ज्यादा नमक फास्ट फूड के जरिये पहुंच रहा है।
विज्ञापन
खारा पानी मतलब नमक ज्यादा
आगरा जिले के भूमिगत जल में टीडीएस 700 से 2300 मिलीग्राम प्रति लीटर है। अधिकांश आबादी आज भी खारा पानी पीने को मजबूर है। वरिष्ठ फिजीशियन डा. डीपी शर्मा ने बताया कि खारे पानी में सोडियम क्लोराइड (नमक) की मात्रा अधिक होती है। शुद्ध पानी के मुकाबले खारे पानी में यह तीन गुना तक ज्यादा होता है। भूमिगत जल विशेषज्ञ भी ऐसा ही बताते हैं।
मरीजों में अशिक्षित ज्यादा
उच्च रक्तचाप रोगियों में सर्वाधिक अनपढ़ मिले। गांवों में 56 फीसदी रोगी अशिक्षित थे। शहर की बात करें तो महज 13 प्रतिशत ही रोगी ऐसे हैं जो पढ़-लिख नहीं सकते।
डायबिटीज की भी मार
उच्च रक्तचाप के ग्रामीण रोगियों में 42 और शहरी में 35 प्रतिशत मरीज डायबिटीज का भी शिकार मिले। गांव में डायबिटीज फैलने का कारण यहां 80 फीसदी द्वारा इसकी जांच न कराना भी रहा। इसके उलट शहर में अधिकांश मरीज इलाज कराते मिले।
काला नमक ज्यादा सुरक्षित
सफेद नमक में सोडियम क्लोरायड तो काला नमक में पोटेशियम क्लोरायड होता है। पोटेशियम क्लोराइड के मुकाबले सोडियम क्लोरायड धमनियाें को कई गुना ज्यादा प्रभावित करता है। इसीलिए डाक्टर भोजन में सफेद पर काला नमक को तरजीह देने की सलाह देते हैं।
हाइपरटेंशन है क्या
सिकुड़ने से धमनियां संकरी हो जाती हैं। इससे रक्त का प्रवाह सामान्य से तेज हो जाता है। ऐसी हालत को उच्च रक्तचाप कहते हैं। यह नियंत्रित न हो तो दिल का दौरा, दिमागी लकवा, आंखाें की रोशनी कम होने, किडनी की खराबी और सिरदर्द की वजह बनता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘काउंट योर नंबर’ थीम जारी कर लोगों को फिट रहने का मंत्र दिया है। नमक कम इस्तेमाल करें। खास सतर्क रहें, दस साल के बच्चे के चपेट में आने पर बीमारी ताउम्र बनी रहने की संभावना होती है।
डा. एसके मिश्रा, विभागाध्यक्ष एसपीएम विभाग
बचाव के चार मंत्र
मोटापा-वजन न बढ़ने दें
नमक कम इस्तेमाल करें
फल-हरी तरकारी खाएं
20 मिनट व्यायाम करें
विज्ञापन
सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग ने खंदौली और सैंया ब्लाक के सात गांवाें में 1209 लोगों को शोध के लिए चुना। इनमें 30 साल से अधिक उम्र के महिला-पुरुष का अनुपात समान रहा। साल भर के अध्ययन में इनमें 21.20 फीसदी हाइपरटेंशन रोगी मिले। इसमें 14 फीसदी पुरुष थे। 80 प्रतिशत का बीपी 150 से 170 एमएम के बीच तो दो फीसदी का बीपी 190 पार मिला। शोधार्थी डा. विशाल अग्रवाल ने बताया कि 36 प्रतिशत लोगाें में हाइपरटेंशन के प्रारंभिक लक्षण मिले। पड़ताल में पता चला कि हर व्यक्ति 15 से 20 ग्राम प्रतिदिन नमक सिर्फ भोजन के जरिये लेता है। जान लें, डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दिन भर के भोजन में तीन से पांच ग्राम तक नमक का ही इस्तेमाल होना स्वास्थ्यप्रद है।
विज्ञापन
यहां हर तीसरा व्यक्ति चपेट में
शहर के कमला नगर, अशोक नगर और लोहामंडी क्षेत्र के 670 लोगों पर साल भर हुए अध्ययन में हर तीसरा व्यक्ति हाइपरटेंशन का रोगी मिला। हालांकि इनमें अधिकांश उपचाराधीन हैं। दूसरे शोधार्थी डा. रविंद्र कुमार ने बताया कि 45 फीसदी में प्री-हाइपरटेंशन के लक्षण मिले। पाया गया कि इन लोगों के शरीर में भोजन के अलावा (8 से 15 ग्राम) ज्यादा नमक फास्ट फूड के जरिये पहुंच रहा है।
विज्ञापन
खारा पानी मतलब नमक ज्यादा
आगरा जिले के भूमिगत जल में टीडीएस 700 से 2300 मिलीग्राम प्रति लीटर है। अधिकांश आबादी आज भी खारा पानी पीने को मजबूर है। वरिष्ठ फिजीशियन डा. डीपी शर्मा ने बताया कि खारे पानी में सोडियम क्लोराइड (नमक) की मात्रा अधिक होती है। शुद्ध पानी के मुकाबले खारे पानी में यह तीन गुना तक ज्यादा होता है। भूमिगत जल विशेषज्ञ भी ऐसा ही बताते हैं।
मरीजों में अशिक्षित ज्यादा
उच्च रक्तचाप रोगियों में सर्वाधिक अनपढ़ मिले। गांवों में 56 फीसदी रोगी अशिक्षित थे। शहर की बात करें तो महज 13 प्रतिशत ही रोगी ऐसे हैं जो पढ़-लिख नहीं सकते।
डायबिटीज की भी मार
उच्च रक्तचाप के ग्रामीण रोगियों में 42 और शहरी में 35 प्रतिशत मरीज डायबिटीज का भी शिकार मिले। गांव में डायबिटीज फैलने का कारण यहां 80 फीसदी द्वारा इसकी जांच न कराना भी रहा। इसके उलट शहर में अधिकांश मरीज इलाज कराते मिले।
काला नमक ज्यादा सुरक्षित
सफेद नमक में सोडियम क्लोरायड तो काला नमक में पोटेशियम क्लोरायड होता है। पोटेशियम क्लोराइड के मुकाबले सोडियम क्लोरायड धमनियाें को कई गुना ज्यादा प्रभावित करता है। इसीलिए डाक्टर भोजन में सफेद पर काला नमक को तरजीह देने की सलाह देते हैं।
हाइपरटेंशन है क्या
सिकुड़ने से धमनियां संकरी हो जाती हैं। इससे रक्त का प्रवाह सामान्य से तेज हो जाता है। ऐसी हालत को उच्च रक्तचाप कहते हैं। यह नियंत्रित न हो तो दिल का दौरा, दिमागी लकवा, आंखाें की रोशनी कम होने, किडनी की खराबी और सिरदर्द की वजह बनता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘काउंट योर नंबर’ थीम जारी कर लोगों को फिट रहने का मंत्र दिया है। नमक कम इस्तेमाल करें। खास सतर्क रहें, दस साल के बच्चे के चपेट में आने पर बीमारी ताउम्र बनी रहने की संभावना होती है।
डा. एसके मिश्रा, विभागाध्यक्ष एसपीएम विभाग
बचाव के चार मंत्र
मोटापा-वजन न बढ़ने दें
नमक कम इस्तेमाल करें
फल-हरी तरकारी खाएं
20 मिनट व्यायाम करें