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डिफॉल्टर डॉक्टर सचान को 25 लाख लोन
अमर उजाला ब्यूूराे कानपुर
Updated Tue, 02 Dec 2014 02:38 AM IST
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पंजाब नेशनल बैंक में लोन के खराब खाते के चलते डिफॉल्टर की श्रेणी में आए न्यू सेवाधाम अस्पताल के संचालक डॉ. जेएस सचान से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। इस बार उन्होंने शहर में अपना नक्शा झाड़ने के लिए स्टेट बैंक आफ इंडिया से 25 लाख लोन लेकर मर्सिडीज बेंज की स्पोर्ट्स एडिशन कार ले ली।
कार की किस्तें जमा न होने के चलते यहां भी लोन डिफॉल्ट हो गया। बैंक अफसरों के मुताबिक इस कार का रजिस्ट्रेशन आज तक नहीं कराया गया है। इस मामले में प्राथमिक रूप से शाखा प्रबंधक को दोषी मानते हुए उसके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू कर दी गई है।
एसबीआई की मुख्य शाखा से फरवरी-2013 में डॉ. जेएस सचान ने 25 लाख रुपए का कार लोन पास कराया। इस रकम से उन्होंने लाल रंग की मर्सिडीज स्पोर्ट्स एडिशन कार खरीदी। शुरू में कुछ किस्तें देने के बाद किस्त जानी बंद हो गईं।
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इस पर बैंक ने इस लोन खाते को एनपीए करके डॉ. सचान को नोटिस जारी कर दीं। इसका भी कोई जवाब नहीं आया तो कार की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए गए। तब पता चला कि आरटीओ से कार का रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया गया है।
इस मामले में बैंक से संबद्ध रिकवरी फर्मों ने कार की रिकवरी की कोशिश की, मगर वे नाकाम रहे। मामले की खबर बैंक के आला अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने शाखा प्रबंधक से जवाब-तलब कर दिया। पता चला कि पूर्व में पीएनबी से डिफॉल्टर होने के बावजूद उन्हें सिविल इनक्वायरी में लापरवाही करके लोन दे दिया गया।
कार का रजिस्ट्रेशन न होने के चलते गाड़ी की आरसी पर बैंक का लोन भी नहीं चढ़ पाया है। इन सभी के चलते शाखा प्रबंधक के खिलाफ विजिलेंस जांच आरंभ कर दी गई है।
डॉ. जेएस सचान ने सेवाधाम अस्पताल के नाम पर हमारे यहां से लोन लिया था। किस्तें समय से न आने के चलते यह केस डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा गया है। यदि कोई व्यक्ति किसी बैंक से डिफॉल्टर हो जाता है तो उससे संबंधित जानकारियां सिविल डेटा में जोड़ दी जाती हैं, फिर उसे किसी बैंक से लोन नहीं मिल सकता है।
नेहाल अहद, डीजीएम (पंजाब नेशनल बैंक)
मैं पिछले महीने ही कानपुर आया हूं। यह पता चला है कि डॉ. जेएस सचान को कार लोन के रूप में 25 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ था, जो किस्तें न आने के चलते एनपीए हो गया है। इस कार का रजिस्ट्रेशन भी अब तक न कराए जाने की बात पता चली है। संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू हो चुकी है।
बीएन राय, एजीएम (एसबीआई)
हां, मैंने अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, क्योंकि मैं इसे चलाता नहीं हूं। मेरी गाड़ी ज्यादातर खड़ी ही रहती है। इसलिए रजिस्ट्रेशन कराने की ज्यादा जरूरत नहीं है। जो पेनाल्टी देनी होगी, वह दी जाएगी। कुछ किस्तें नहीं जा पाई थीं, जिसके चलते मेरे पास रिकवरी वालों के तमाम फोन आ रहे हैं।
अभी बीते माह मैंने दो लाख रुपये जमा भी किए हैं। पीएनबी वालों ने सेवाधाम की नीलामी के लिए लगभग 11 बार नीलामी सूचना प्रकाशित की है, मगर मैं इन खातों को सेटल कर रहा हूं।
डॉ. जेएस सचान, निदेशक (सेवाधाम अस्पताल)
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कार की किस्तें जमा न होने के चलते यहां भी लोन डिफॉल्ट हो गया। बैंक अफसरों के मुताबिक इस कार का रजिस्ट्रेशन आज तक नहीं कराया गया है। इस मामले में प्राथमिक रूप से शाखा प्रबंधक को दोषी मानते हुए उसके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू कर दी गई है।
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एसबीआई की मुख्य शाखा से फरवरी-2013 में डॉ. जेएस सचान ने 25 लाख रुपए का कार लोन पास कराया। इस रकम से उन्होंने लाल रंग की मर्सिडीज स्पोर्ट्स एडिशन कार खरीदी। शुरू में कुछ किस्तें देने के बाद किस्त जानी बंद हो गईं।
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इस पर बैंक ने इस लोन खाते को एनपीए करके डॉ. सचान को नोटिस जारी कर दीं। इसका भी कोई जवाब नहीं आया तो कार की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए गए। तब पता चला कि आरटीओ से कार का रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया गया है।
इस मामले में बैंक से संबद्ध रिकवरी फर्मों ने कार की रिकवरी की कोशिश की, मगर वे नाकाम रहे। मामले की खबर बैंक के आला अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने शाखा प्रबंधक से जवाब-तलब कर दिया। पता चला कि पूर्व में पीएनबी से डिफॉल्टर होने के बावजूद उन्हें सिविल इनक्वायरी में लापरवाही करके लोन दे दिया गया।
कार का रजिस्ट्रेशन न होने के चलते गाड़ी की आरसी पर बैंक का लोन भी नहीं चढ़ पाया है। इन सभी के चलते शाखा प्रबंधक के खिलाफ विजिलेंस जांच आरंभ कर दी गई है।
डॉ. जेएस सचान ने सेवाधाम अस्पताल के नाम पर हमारे यहां से लोन लिया था। किस्तें समय से न आने के चलते यह केस डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा गया है। यदि कोई व्यक्ति किसी बैंक से डिफॉल्टर हो जाता है तो उससे संबंधित जानकारियां सिविल डेटा में जोड़ दी जाती हैं, फिर उसे किसी बैंक से लोन नहीं मिल सकता है।
नेहाल अहद, डीजीएम (पंजाब नेशनल बैंक)
मैं पिछले महीने ही कानपुर आया हूं। यह पता चला है कि डॉ. जेएस सचान को कार लोन के रूप में 25 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ था, जो किस्तें न आने के चलते एनपीए हो गया है। इस कार का रजिस्ट्रेशन भी अब तक न कराए जाने की बात पता चली है। संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू हो चुकी है।
बीएन राय, एजीएम (एसबीआई)
हां, मैंने अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, क्योंकि मैं इसे चलाता नहीं हूं। मेरी गाड़ी ज्यादातर खड़ी ही रहती है। इसलिए रजिस्ट्रेशन कराने की ज्यादा जरूरत नहीं है। जो पेनाल्टी देनी होगी, वह दी जाएगी। कुछ किस्तें नहीं जा पाई थीं, जिसके चलते मेरे पास रिकवरी वालों के तमाम फोन आ रहे हैं।
अभी बीते माह मैंने दो लाख रुपये जमा भी किए हैं। पीएनबी वालों ने सेवाधाम की नीलामी के लिए लगभग 11 बार नीलामी सूचना प्रकाशित की है, मगर मैं इन खातों को सेटल कर रहा हूं।
डॉ. जेएस सचान, निदेशक (सेवाधाम अस्पताल)