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हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को लगाई फटकार, कहा-कैसे हुई आरोप लगाने की हिम्मत 

Tue, 20 Sep 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 20 Sep 2016 12:12 AM IST
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 court expressed his objection on the sajjan kumar's attitude, said how dare you to accuse
कोर्ट - फोटो : file photo

हाईकोर्ट ने नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में न्यायमूर्ति की निष्ठा पर सवाल उठाने पर कांग्रेस के पूर्व सांसद और मामले में आरोपी रहे सज्जन कुमार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। 

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अदालत ने कहा कि आप एक जज पर कैसे अंगुली उठा सकते हैं। आप कैसे कह सकते हैं कि उक्त जज की मामले में गहरी रुचि है, आपकी ऐसे आरोप लगाने की हिम्मत कैसे हुई। 
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हाईकोर्ट मामले में सज्जन कुमार को बरी करने के खिलाफ दायर सीबीआई की अपील पर सुनवाई कर रही है। दरअसल, न्यायमूर्ति गीता मित्तल और पीएस तेजी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई तय थी। 
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इस दौरान सज्जन कुमार की ओर से पेश वकील ने सुनवाई किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति पीएस तेजी ट्रायल कोर्ट में मामले को सुन चुके हैं और उन्होंने इसमें गहरी रुचि दिखाई थी। 

खंडपीठ ने उनके तर्क पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हमें इस तरह के आरोप पसंद नहीं हैं। आप कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने मामले में गहरी रुचि दिखाई थी। खंडपीठ ने कहा कि हम मामले की सुनवाई करना चाहते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हम गहरी रुचि दिखा रहे हैं।

'क्या हमें समझ में नहीं आता क्यों आप इस सुनवाई को खत्म नहीं करना चाहते'

 court expressed his objection on the sajjan kumar's attitude, said how dare you to accuse
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

अदालत ने कहा यह मामला काफी समय से लंबित है। घटना 1984 की है और इसे जल्द निपटाया जाना चाहिए। खंडपीठ ने कहा क्या हमें समझ में नहीं आता कि क्यों आप इस सुनवाई को खत्म नहीं करना चाहते। हम खुले दिमाग के साथ यहां बैठे हैं। हम बहुत सचेत हैं और हमें केवल कानून का पालन करना है।

सज्जन के अधिवक्ता ने कहा कि वे इस संबंध में उचित तरीके से आवेदन दायर करेंगे। खंडपीठ ने उन्हें तीन दिन में आवेदन फाइल करने को कहा। इतना ही नहीं उन्होंने मामले में अन्य आरोपियों के अधिवक्ता से पूछा कि क्या उन्हें भी इस अदालत से कोई आशंका है। 

इस पर अन्य दोषियों के अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें कोई आशंका नहीं है और यह खंडपीठ सुनवाई करें, हमें आपत्ति नहीं है। अदालत ने मामले की सुनवाई 3 अक्तूबर तय कर दी।

पांच हत्याओं से संबंधित इस मामले में प्राथमिकी 2005 में दर्ज की गई थी। आरोप है कि दिल्ली छावनी क्षेत्र में एक भीड़ ने एक ही परिवार के केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुविंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या कर दी थी।

इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था, जबकि अन्य आरोपियों को सजा सुनाई थी। सीबीआई ने सज्जन कुमार को बरी करने के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी है, जबकि दोषियों ने सजा संबंधी फैसले को चुनौती दी है।

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