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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Congress defeated BJP candidate Suman Sharma in Gwalior Municipal Election

Gwalior Municipal Election: कांग्रेस ने ढहाया भाजपा का किला, मतगणना के दौरान हर राउंड में हारी बीजेपी

Mon, 18 Jul 2022 12:27 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Mon, 18 Jul 2022 12:27 PM IST
सार

नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को हराकर इतिहास रचा है। 

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Congress defeated BJP candidate Suman Sharma in Gwalior Municipal Election
शोभा सिकरवार - फोटो : amar ujala

विस्तार

ग्वालियर नगर निगम में 57 साल बाद कांग्रेस ने इतिहास रचा और भाजपा को हरा दिया।मतगणना के दौरान पहले राउंड से लेकर अंतिम राउंड तक भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। कांगेस महापौर प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने भाजपा की सुमन शर्मा को 28805 मतों से हराया है। दोनों ही पार्टियों की साख दांव पर लगी थी। 
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नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा के किले को कांग्रेस ने पहली बार ढहा दिया है। दरअसल, यह सीट ग्वालियर नगर निगम की सबसे हॉट सीट होने की वजह से कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। वहीं, कांग्रेस की तरफ से खुद पूर्व सीएम कमलनाथ ने कमान अपने हाथों में ली थी।
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पहले राउंड की गिनती शुरू हुई तो भाजपा पिछड़ गई। 35 राउंड की हुई वोटों की गिनती के दौरान भाजपा कांग्रेस से आगे नहीं निकल पाई। कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने भाजपा की सुमन शर्मा को 28805 मतों से हराया है। शोभा सिकरवार को 2,35,154 और सुमन शर्मा को 2,06,349 मत मिले हैं।
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ग्वालियर नगर निगम पर सिंधिया महल का वर्चस्व माना जाता है। कांग्रेस में रहते हुए सिंधिया परिवार महापौर प्रत्याशी का चयन करते थे, लेकिन पिछले 57 साल में सिंधिया परिवार कोई भी अपने नजदीकी नेता को महापौर की कुर्सी पर नहीं पहुंचा पाया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हुए तो यह सीट पर भाजपा से खिसक गई। 


बता दें कि, 1956 में ग्वालियर नगर निगम बना था। 1956 से 1987 तक पार्षद महापौर चुनते थे। इनका एक साल का कार्यकाल होता था। 1995 में चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव किया गया और 5 साल का कार्यकाल हुआ। 1995 के बाद जनता द्वारा सीधे पार्षद और महापौर को चुना गया।  
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