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अनिवार्य रूप से देना होगा जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 18 Feb 2015 11:17 PM IST
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जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में अब हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। बुधवार को कलक्ट्रेट में हुई बैठक में 31 मार्च से पूर्व जन्म-मृत्यु के आकड़े चारों बीडीओ को उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि इस काम को अभियान के रूप में कराया जाए। साथ ही जिले के सभी नर्सिंग होम के प्रबंधकों को अनिवार्य रूप से हर माह की 10 तारीख तक ये ब्योरा विकासखंड और नगर निकायों को देना होगा।
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बताया गया कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 की धारा 14 के तहत जन्म पंजिका में नाम दर्ज कराने के लिए एक वर्ष तक निशुल्क और एक वर्ष के बाद 15 वर्ष तक विलंब शुल्क के साथ बच्चे का नाम अंकित कराया जा सकता है। लोगों को प्रेरित करने के लिए अस्पतालों, नगर निकाय और विकासखंड कार्यालयों में बैनर, पोस्टर लगाए जाएंगे। बैठक में सीडीओ श्याम सुंदर पांगती, प्रभारी सीएमओ डा.रश्मि पंत, डीपीआरओ भुवन पनेरू, नगर निकाय प्रतिनिधि और समिति के सदस्य शामिल थे।
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