Karauli News: परिजनों के झाड़ फूंक के कारण 12 साल के बालक की मौत, खेत में काम करते हुए सांप ने डसा था
हिंडौन सदर थाना एएसआई महेश चंद्र ने बताया कि सिकंदरपुर गांव निवासी संजय जाटव ने जानकारी दी कि शाम करीब 5 बजे उसकी पत्नी ओमवती खेत पर मजदूरी करने गई थी। उसका 12 साल का बेटा केशव जाटव भी साथ चला गया था। खेत की मेड़बंदी से कचरा साफ करने में केशव अपनी मां का हाथ बटा रहा था।
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करौली में एक 12 साल के बालक को सांप ने डस लिया। लेकिन परिजन उसे अस्पताल ले जाने की बजाए झाड़फूंक में फंसे रहे, जिससे किशोर की जान चली गई। हालांकि, कई घंटे बाद परिजन बालक को लेकर अस्पताल आए थे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
हाथों की अंगुली में काट लिया
हिंडौन सदर थाना एएसआई महेश चंद्र ने बताया कि सिकंदरपुर गांव निवासी संजय जाटव ने जानकारी दी कि शाम करीब 5 बजे उसकी पत्नी ओमवती खेत पर मजदूरी करने गई थी। उसका 12 साल का बेटा केशव जाटव भी साथ चला गया था। खेत की मेड़बंदी से कचरा साफ करने में केशव अपनी मां का हाथ बटा रहा था। इस दौरान झाड़ियों में से निकले एक सांप ने केशव के हाथों की अंगुली में काट लिया। बच्चे के रोने की आवाज सुन मां ओमवती और अन्य मजदूर मौके पर पहुंचे। इसके बाद परिजन उसे झाड़ फूंक कराने कई स्थानों पर ले गए। लेकिन बालक की हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिजन बालक को पहले एक निजी क्लिनिक और फिर सरकारी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस बालक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
अस्पताल लाया जाता, तो बच सकती थी जान
राजकीय अस्पताल हिंडौन में पदस्थ डॉ. रामराज मीणा का कहना है कि सांप के काटने के कई घंटे बाद परिजन बालक को लेकर अस्पताल आए। इससे पहले झाड़फूंक कराते रहे। यदि सांप काटने के तुरंत बाद बालक को अस्पताल लाया जाता और उपचार कराया जाता तो बालक की जान बच सकती थी।