भूख हड़ताल पर दूल्हा, धरनास्थल पर ही लिए 7 फेरे
विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) के आरक्षण को लेकर भूख हड़ताल का आयोजन स्थल एक रोचक वाकये में विवाह स्थल में तब्दील हो गया। राजस्थान के दौसा जिले के सिकंदरा में भूख हड़ताल पर बैठे देवराज गुर्जर (26) ने विवाह के कारण धरना खत्म करना पसंद नहीं किया और इसी वजह से उसने वहीं पर शादी करने का निश्चय लिया।
गुर्जर ने कहा कि उसकी शादी आठ महीने पहले ही तय हुई थी और वह इसमें देरी नहीं करना चाहता था। इसी वजह से उसने तय किया कि धरनास्थल पर ही शादी कर ली जाए। उसने कहा, परिवार के सदस्यों ने शादी की सारी तैयारियां की।
ममता के सहमत होने के बाद हमने यहीं पर शादी करना तय किया। मैं मरते दम तक भूख हड़ताल जारी रखूंगा। मैं अपने लोगों को धोखा नहीं दे सकता।
पत्नी बोली- आरक्षण की लड़ाई में पति के साथ
उसकी पत्नी ममता ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लेना कठिन होता है और मैं इस लड़ाई में अपने पति के साथ हूं। मुझे उनके ऊपर गर्व है और यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो मैं भी धरने पर उनका साथ दूंगी।
गुर्जर का चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग में लेक्चरर पद पर हुआ था। बाद में हाईकोर्ट द्वारा पिछले साल दिसंबर में एसबीसी कोटा खत्म कर देने से उसे नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
गुर्जर इस फैसले के खिलाफ 16 फरवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने वाले 10 लोगों में से एक है।