1992 में कारसेवक रहे सालकर मरने से पहले एक बार जाना चाहते हैं अयोध्या
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टीवी पर भूमि पूजन कार्यक्रम देखकर नम हुईं आंखें
1992 में बाबरी विध्वंस के समय गोवा से अयोध्या पहुंचे 750 कारसेवकों में शामिल रहे सुभाष सालकर मरने से पहले एक बार भगवान राम की धरती पर जाना चाहते हैं। रिटायर्ड शिक्षक और भाजपा नेता 71 वर्षीय सालकर ने बुधवार को टीवी पर राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम देखा तो उनकी आंखें नम हो गईं। सालकर ने कहा, छह दिसंबर को जब बाबरी मस्जिद ढहाई गई तो हम वहां मौजूद थे। उस समय हमारे साथ पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक भी मौजूद थे। अगर कोरोना महामारी को लेकर सख्ती न होती तो मैं भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने अयोध्या जरूर जाता।
सालकर ने कहा, 1992 में हम सात दिन अयोध्या में रहे थे। मुझे याद है कि एक बार मनोहर पर्रिकर समेत हम सभी लोग आडवाणी जी, साध्वी ऋंतभरा आदि का भाषण सुनकर एक पंडाल में सोये थे। हमने कभी भी राम मंदिर मुद्दे को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा। लेकिन यह भी सच है कि 1992 की घटना के बाद भाजपा को एक बड़े समुदाय का समर्थन मिलना शुरू हो गया था। अब मेरी यही इच्छा है कि मरने से पहले एक बार मैं अयोध्या जरूर जाऊं।