झारखंडः रांची में उग्रवादियों और सुरक्षाबलों में मुठभेड़, 50 राउंड चलीं गोलियां
घटनास्थल से 777 आईएनएसयूएस गोलियां, सात वॉकी-टॉकी और आठ चार्जर बरामद हुए हैं। इस मुठभेड़ में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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रांची के बाहरी इलाके में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों में मुठभेड़ की खबर है। मुठभेड़ सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति समिति (टीएसपीसी) के उग्रवादियों के बीच हुई। इस दौरान दोनों तरफ से करीब 50 राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ की यह घटना रांची के बाहरी इलाके में रविवार रात करीब आठ बजे हुई। पुलिस ने बताया कि रांची के बुडमू प्रखंड के सुमो जंगल में सुरक्षाबल सर्च अभियान चला रहे थे। इसी दौरान वहां छिपे उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से 50 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि बाद में अंधेरे का फायदा उठाकर उग्रवादी मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से 777 आईएनएसयूएस गोलियां, सात वॉकी-टॉकी और आठ चार्जर बरामद हुए हैं। इस मुठभेड़ में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिलहाल झारखंड जैगुआर की टीम इलाके में तलाशी अभियान चला रही है।
पुलिस के अनुसार, रांची एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीएसी के एरिया कमांडर विक्रम गांझू की टीम इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है और जंगल में डेरा डाले हुए है। इसके बाद एसएसपी ने टीम गठित कर उसे उग्रवादियों की तलाश में भेजा।
इससे पहले हाल ही में पुलिस ने टीएसपीसी के पांच उग्रवादियों और एक स्वयंभू एरिया कमांडर को झारखंड के पलामू जिले से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किया गया कमांडर बसंत सिंह उर्फ बच्चन जी उर्फ दिवाकर जी तीन साल पहले गया पुलिस की हिरासत से फरार हुआ था। बीती 23 जनवरी को भी रांची पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से अलग हुए प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया के एरिया कमांडर को भी एनकाउंटर में मार गिराया था।