पटना : हार्दिक ने खेला जाति कार्ड, बोले- कुर्मी, कुशवाहा और धानुक हों एकजुट
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पटेल नवनिर्माण सेना (पनसे) के अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने शनिवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में पटेल जागरूकता सम्मेलन को संबोधित किया। पटेल ने कहा कि उन्हें किसी का डर नही है, क्योंकि उन्हें नालंदा से चुनाव नहीं लड़ना है, लेकिन उनकी इच्छा दिल्ली पहुंचने की है और वे जानते है कि दिल्ली का रास्ता बिहार से ही होकर गुजरता है। इसलिए अगले दो साल में वे पटना के गांधी मैदान में 10 लाख कुर्मियों की रैली करेंगे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए हार्दिक ने कहा कि जब बिहार के कुर्मी ओबीओ में शामिल हो सकते हैं तो गुजरात के कुर्मी को यह आरक्षण क्यों नहीं? गुजरात में हमारी संख्या दो करोड़ है और बिहार में सवा करोड़, लेकिन यहां हमारे समाज के लोग छिप-छिप कर कहते हैं कि नीतीश मेरे मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि मैं किसी समाज का विरोधी नहीं, लेकिन कोई समाज मजबूत है तो हमें भी मजबूत होना होगा।
उन्होंने कहा कि 1993 की कुर्मी रैली के मंच पर चढ़े लोग कहां से कहां पहुंच गए पर कुर्मी वहीं के वहीं रह गए। बिहार में कुर्मी, कुशवाहा और धानुक एक हो जाएं तो कोई नहीं टिक सकेगा। बिहार में कुर्मी, कुशवाहा और धानुक को एकजुट होना होगा तभी हमारे समाज को सही हक मिल सकता है।
डांट के डर से चाचा नीतीश ने मुझे मिलने के लिए नहीं बुलाया- हार्दिक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए हार्दिक ने कहा है कि इस बार चाचा ने मुझे मिलने के लिए भी नहीं बुलाया। उन्हें यह डर सता रहा होगा कि कहीं मुझसे मिलेंगे तो दिल्ली से उन्हें डांट पड़ जाएगी। हार्दिक ने कहा कि मैं गांधी को मानता हूं, सरदार बल्लभ पटेल को भी मानता हूं लेकिन कोई अगर अंग्रेज बनने की कोशिश करेगा तो हम भगत सिंह भी बनेंगे। इससे पूर्व पत्रकारों से बात करते हुए पटेल ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने अपना रास्ता बदल लिया है। अब उनसे मुलाकात और बात करने का कोई मतलब नहीं है।