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मध्यप्रदेश: दिग्विजय सिंह बोले- यदि आलोचना सुनने की क्षमता नहीं, तो राजनीति से दूर ही रहें

Wed, 29 Sep 2021 11:11 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 29 Sep 2021 11:11 PM IST
सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि पत्रकारिता में सच बोलने का अधिकार नहीं है, कलम में शक्ति नहीं है तो इसका कोई फायदा नहीं है।

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Digvijaya Singh Said That To handle criticism politicians should have thick skin Latest News Update
दिग्विजय सिंह - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को राजनेताओं को सलाह दी कि अगर वे राजनीति की दुनिया में बने रहना चाहते हैं, जहां उनकी अक्सर आलोचना की जाती है, तो वे मोटी चमड़ी वाला बनना होगा। उन्होंने मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि वह मीडिया को झुकाने के लिए विज्ञापनों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है। जब तक आप मोटी चमड़ी वाले नहीं बनेंगे, तब तक आप राजनीति नहीं कर पाएंगे। दिग्विजय ने यह टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा नौकरशाह से राजनेता बने पूर्व केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह को दिए गए एक संक्षिप्त जवाब को याद करते हुए की गई।

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राज्यसभा सांसद भोपाल के पत्रकारों के एक निकाय नवगठित सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल समेत भाजपा के कई नेता मौजूद थे। इंदिरा गांधी से जुड़ी यह घटना बताने के बाद सिंह ने पटेल की ओर रुख किया और कहा कि अपने सहयोगियों से कहो कि अगर वे राजनीति में हैं, तो उनकी चमड़ी मोटी होनी चाहिए। आलोचना सहने की क्षमता होनी चाहिए। 
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सिंह ने कहा कि देश में लोगों में नफरत फैलाने का चलन है और यह पत्रकारिता या पत्रकारों के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार की विज्ञापन नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसे हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि आप उनकी खबर प्रकाशित करते हैं तो आपको विज्ञापन मिलेगा अन्यथा नहीं। यह एक सही नीति नहीं है। सिंह ने कहा कि जब वह मध्य प्रदेश (1993 से 2003) के मुख्यमंत्री थे तब चीजें अलग थीं। यदि पत्रकारिता में सच बोलने का अधिकार नहीं है, कलम में शक्ति नहीं है तो इसका कोई फायदा नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में मेरे 10 साल के कार्यकाल में मेरे खिलाफ इतनी आलोचनात्मक बातें छपीं, लेकिन मैंने कभी किसी प्रकाशन का विज्ञापन बंद नहीं किया।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि राजनेताओं में आलोचना सुनने की क्षमता नहीं है, तो उन्हें राजनीति में प्रवेश नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के कारण पत्रकारों को कठिन समय का सामना करना पड़ रहा है। एक प्रतिष्ठित थिंक-टैंक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मीडिया क्षेत्र में 78 फीसदी कार्यबल बेरोजगार हो गया है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2016 में लगभग 10.25 लाख लोग मीडिया क्षेत्र में कार्यरत थे, जबकि अगस्त 2021 में यह संख्या महज 2.25 लाख थी।

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